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सियासी उफान ला सकती है अनुराग की बीसीसीआई से छुट्टी, कांग्रेस तैयार

Tue, 03 Jan 2017 03:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 03 Jan 2017 03:57 PM IST
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Political War on Anurag Thakur Removal From BCCI.

सुप्रीम कोर्ट की ओर से सांसद अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटाए जाने का मामला हिमाचल में सियासी उफान ला सकता है। अनुराग ठाकुर की बीसीसीआई से छुट्टी होते ही बयानबाजी शुरू हो गई है।

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प्रदेश में चूंकि क्रिकेट पर सियासत होती है, ऐसे में चुनावी वर्ष में कांग्रेस के हाथ मुद्दा लग गया है। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) पर कब्जे को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं में जद्दोजहद देखने को मिलती रही है।
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प्रदेश में कांग्रेस के सत्तारूढ़ होते ही एचपीसीए के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई कर दी थी। विधानसभा के भीतर और बाहर यह मुद्दा कई बार गरमा चुका है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर का बीसीसीआई से हटाया जाना पूर्व सीएम धूमल के लिए भी झटके के रूप में देखा जा रहा है।

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चुनाव से पहले कांग्रेस को मिला मुद्दा

Political War on Anurag Thakur Removal From BCCI.

प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां क्रिकेट को लेकर सियासत करती रही हैं। चाहे वह प्रदेश सरकार की ओर से लाया गया खेल विधेयक हो या धर्मशाला में भारत व पाकिस्तान क्रिकेट मैच। भाजपा और कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर राजनीति करने का आरोप लगाती रही हैं।

खुद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह एचपीसीए की कार्यशैली पर सवाल उठाते रहे हैं। यही नहीं, एचपीसीए से जुड़े कई मामले कोर्ट में चल रहे हैं तो कइयों की जांच हो रही है। भाजपा सीएम से जुड़े मामलों पर प्रदेश कांग्रेस सरकार को घेरने का प्रयास काफी समय से सदन के भीतर एवं बाहर करती रही है।

ऐसे में अनुराग ठाकुर के बीसीसीआई सुप्रीमो पद से हटाए जाने पर कांग्रेस के लिए भी अनुराग के बहाने पूर्व मुख्यमंत्री धूमल और भाजपा को घेरने का मौका मिल गया है।

क्या कहा कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने

Political War on Anurag Thakur Removal From BCCI.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कोई भी कमेंट करने से इंकार कर दिया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि जनप्रतिनिधियों को नैतिकता बनाए रखनी चाहिए।

उधर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि बीसीसीआई का यह मामला अलग है। पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। मामला सब जुडिस है, लिहाजा वह कुछ नहीं कहेंगे।

क्रिकेट अकादमी को भी लग सकता है झटका

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शशिभूषण पुरोहित, ऊना-बीसीसीआई अध्यक्ष पद से सांसद अनुराग ठाकुर की बर्खास्तगी के साथ ही हिमाचल में क्रिकेट के सपनों को करारा झटका लगा है। क्रिकेट जगत की बुलंदियों पर रहे अनुराग के इस अहम पद से हटने के बाद हिमाचल में प्रस्तावित नेशनल क्रिकेट अकादमी के उस ख्वाब को जोरदार झटका लगा है, जिसके तहत हिमाचल की शानदार आबोहवा में फास्ट बाऊलर तैयार करने की योजना थी।

हालांकि, यह प्रस्ताव बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर पारित नहीं किया, लेकिन अनुराग ठाकुर कई मर्तबा हिमाचल के धर्मशाला या शिमला में बंगलूरू की एनसीए (नेशनल क्रिकेट अकादमी) की तर्ज पर अकादमी खोलने की बात कह चुके हैं।

अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार हिमाचल पहुंचने पर अनुराग ने खासकर उत्तरी राज्यों और हिमाचल में क्रिकेट के विस्तार की संभावनाओं के मद्देनजर योजनाओं का खाका तैयार किया था। इसमें हिमाचल प्रदेश के ऊना, मंडी, कुल्लू और शिमला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम शामिल रहे हैं।

लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार के साथ छत्तीस के आंकड़े के चलते बीसीसीआई और एचपीसीए के ये प्रस्ताव जमीन पर नहीं उतर पा रहे थे। एचपीसीए प्रवक्ता संजय शर्मा ने इसे हिमाचली क्रिकेट के लिए जोरदार झटका करार देते हुए कहा कि अनुराग ठाकुर की नियुक्ति के बाद हिमाचली क्रिकेट की उम्मीदें परवान पर थीं। एचपीसीए हर कदम पर अनुराग ठाकुर के साथ है।

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