Road Safety Fund: हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को सड़क सुरक्षा निधि के तहत मिले 7.34 करोड़
हिमाचल पुलिस 2030 तक सड़क यातायात में होने वाली मौतों और चोटों को 50 फीसदी रोकने के लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करेगी।
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हिमाचल परिवहन विभाग ने हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विभाग को सड़क सुरक्षा निधि के तहत 7,34,51,931 करोड़ जारी किए हैं। इस राशि से यातायात उपकरणों की खरीद, बिझड़ी और हमीरपुर में ट्रैफिक लाइट की स्थापना, कीरतपुर-मनाली फोरलेन के लिए यातायात नियम व बचाव उपकरण की खरीद की जाएगी। इस फंड का उपयोग सड़क सुरक्षा को मजबूत करने, सड़क सुरक्षा उपायों और गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए भी किया जाएगा। हिमाचल पुलिस 2030 तक सड़क यातायात में होने वाली मौतों और चोटों को 50 फीसदी रोकने के लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास करेगी। डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर के साथ पूरी तरह सुसज्जित इंटरसेप्टर वाहन, इलेक्ट्रिक ट्रैफिक पेट्रोलिंग वाहन मोटर साइकिल (350 सीसी) आईटीएमएस, डिफेंडर ब्लड सील ब्लड, लेजर स्पीड गन, ब्रीथ एल्को एनालाइजर, एल्को सेंसर आदि की खरीद होगी।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर काटे 28,223 चालान
प्रदेश पुलिस पिछले कुछ समय से यातायात नियमों को लागू करने के लिए आधुनिक उपकरण खरीद रही है। हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य राजमार्गों पर विभिन्न स्थानों पर कुल 49 आईटीएमएस स्थापित किए गए हैं। इसके चलते यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के करीब 2,8223 चालान काटे गए हैं। पीओएस मशीनों और एंड्रॉइड फोन के माध्यम से 425522 ई-चालान भी जारी किए गए। उल्लंघनकर्ताओं की ओर से करीब 25 फीसदी चालान का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा रहा है। हिमाचल पुलिस ने एल्को सेंसर, बॉडी वॉर्न कैमरा, लेजर स्पीड गन और कई आधुनिक उपकरण खरीदे हैं और इनका उपयोग यातायात पुलिस कर्मियों द्वारा दैनिक आधार पर किया जा रहा है। डीजीपी संजय कुंडू ने कहा कि सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को विश्व स्तर पर एक गंभीर सार्वजनिक खतरा माना जाता है।