फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Police Custodial murder Case conviction live update today of gudiya case :Zaidi and Eight policemen

Himachal: सूरज हत्याकांड में जैदी सहित आठ पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास, जानें मामले में अब तक क्या-क्या हुआ

Tue, 28 Jan 2025 09:48 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 28 Jan 2025 09:48 AM IST
सार

चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट ने लॉकअप हत्याकांड में दोषी पूर्व आईजी आईपीएस जहूर हैदर जैदी समेत आठ पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

विज्ञापन
Police Custodial murder Case conviction live update today of gudiya case :Zaidi and Eight policemen
आईजी जहूर हैदर जैदी व डीएसपी मनोज जोशी समेत आठ पुलिस कर्मचारियों को उम्रकैद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साल 2017 में शिमला जिले के कोटखाई में हुए बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म व हत्या मामले से जुड़े सूरज लॉकअप हत्याकांड में सीबीआई की अदालत ने दोषी करार दिए हिमाचल प्रदेश के आईजी जहूर हैदर जैदी व डीएसपी मनोज जोशी समेत आठ पुलिस कर्मचारियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सीबीआई की अदालत ने 375 पेज के इस फैसले में दोषियों पर एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया है। उम्रकैद की सजा के बावजूद आईजी जैदी अदालत में हंसते नजर आए. जबकि अन्य की आंखें नम हो गई थीं। सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल भेज दिया गया। एक महीने में जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा काटनी होगी। बता दें कि हिमाचल में पहली बार किसी मामले की जांच कर रही पूरी एसआईटी को ही उम्रकैद की सजा हुई है।

विज्ञापन


दोषियों में पूर्व आईजी जहूर हैदर जैदी, डीएसपी मनोज जोशी, सब इंस्पेक्टर राजिंद्र सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, हेड कांस्टेबल मोहन लाल व सूरत सिंह, रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रंजीत स्टेटा का नाम शामिल है। सीबीआई अदालत ने बीते 18 जनवरी को गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी करार दिया था। सजा सुनाने से पहले सोमवार सुबह सबसे पहले अदालत ने सभी दोषियों का आखिरी बार पक्ष जाना और शाम पांच बजे फैसला सुनाया। वहीं, अदालत ने 18 जनवरी को दोषी करार देने के दौरान सबूतों के अभाव में एसपी डंडूब वांगियाल नेगी को बरी कर दिया था।
विज्ञापन



इन धाराओं में मिली सजा
अदालत ने सभी दोषियों को आईपीसी एक्ट की धारा 120-बी में उम्रकैद व 20 हजार जुर्माना, 302 में उम्रकैद व 20 हजार जुर्माना, 330 में तीन साल व 10 हजार जुर्माना, 348 में एक साल व 5 हजार जुर्माना, 195 में उम्रकैद व 20 हजार जुर्माना, 196 में 3 साल व 10 हजार जुर्माना, 218 में एक साल व 10 हजार जुर्माना और 201 में 1 साल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह था मामला
शिमला जिले के कोटखाई में 4 जुलाई 2017 को लापता हुई 16 वर्षीय छात्रा का शव कोटखाई के तांदी के जंगल में निर्वस्त्र मिला था। मामले की जांच के लिए आईजी जैदी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई थी, जिसने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें नेपाल मूल का एक युवक सूरज भी शामिल था। सूरज की कोटखाई थाने में पुलिस हिरासत में लॉकअप में देर रात मौत हो गई थी। मौत का यह मामला बाद में हिमाचल पुलिस ने सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई ने दुष्कर्म एवं हत्याकांड की जांच करने वाली एसआईटी के सभी सदस्यों के खिलाफ हत्या की धारा 302 सहित 330, 331, 348, 323, 326, 218, 195, 196, 201, 210बी व 330 के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में आईपीएस जहूर हैदर जैदी के अलावा तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, सब इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, हेड कांस्टेबल मोहन लाल व सूरत सिंह, रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रनीत सतेता को नामजद किया गया था। सीबीआई जांच में खुलासा हुआ कि सूरज की मौत पुलिस प्रताड़ना के कारण हुई थी क्योंकि मेडिकल में मारपीट की पुष्टि हो गई थी।

गुड़िया और सूरज मामले में कब-कब क्या हुआ
4 जुलाई 2017 : महासू स्कूल से घर जा रही 16 वर्षीय लड़की गुड़िया (काल्पनिक नाम) लापता हो गई।
6 जुलाई 2017 : कोटखाई के दांदी जंगल में गुड़िया का शव मिला। पुलिस ने दुष्कर्म के बाद हत्या का शक जताया।
8 जुलाई 2017 : मौके पर पहुंचे एसपी। 72 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं लगने पर जनाक्रोश बढ़ा।
9 जुलाई 2017 : कई लोगों से पूछताछ के बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं होने पर सीबीआई जांच की उठी मांग।
10 जुलाई 2017 : सरकार ने बढ़ते जनाक्रोश के बाद जांच के लिए एसआईटी का किया गठन।
11 जुलाई 2017 : पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया गया। आरोपी को पकड़वाने के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित हुआ।
12 जुलाई 2017 : तत्कालीन मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज पर कुछ कथित आरोपियों के फोटो वायरल हुए।
13 जुलाई 2017 : एसआईटी ने छह लोगों आशीष, राजू, सुभाष, सूरज, लोकजन, दीपक को गिरफ्तार किया।
14 जुलाई 2017 : जांच के विरोध में ठियोग पुलिस थाना पर पथराव हुआ। गाड़ियां ताेड़ी गईं। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केस सीबीआई को सौंपने का एलान किया।
15 जुलाई 2017 : दो और लोगों के सैंपल जांच के लिए एकत्र किए। मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच के लिए प्रधानमंत्री को लिखा पत्र।
16 जुलाई 2017 : दांदी जंगल में लोगों ने किया हवन। मामले की जांच के लिए जंगल में पहुंची एसआईटी।
17 जुलाई 2017 : दिल्ली से मुंबई तक जस्टिस फॉर गुड़िया की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन। भाजपा नेताओं ने राजभवन पहुंचकर सरकार काे बर्खास्त करने की उठाई मांग।
18 जुलाई 2017 : कोटखाई पुलिस थाना में रात को इंटेरोगेशन के दौरान एक आरोपी सूरज की मौत हो गई। जनता ने थाने को घेरकर आग लगाने का प्रयास किया। कई पुलिस कर्मी हुए घायल।
22 जुलाई 2017 : सीबीआई ने दिल्ली में गुड़िया गैंगरेप और सूरज मौत मामले में केस दर्ज किया।
29 अगस्त 2017: सीबीआई ने सूरज हत्या मामले में आईजी जहूर एच जैदी, डीएसपी जोशी समेत आठ पुलिस कर्मी गिरफ्तार किए।
16 नवंबर 2017 : सूरज मौत मामले में ही पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया।
28 मार्च 2018 : हाईकोर्ट ने सुस्त जांच प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और सीबीआई निदेशक को तलब किया।
29 मार्च 2018 : गुड़िया केस में हाईकोर्ट में फिर सुनवाई हुई। सीबीआई ने 25 अप्रैल से पहले गुड़िया के कातिल को पकड़ने का दावा किया।
13 अप्रैल 2018 : सीबीआई ने गुड़िया मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश कर उसे रिमांड पर लिया और दिल्ली ले गई।
22 अप्रैल 2018 : सीबीआई आरोपी को लेकर दिल्ली से शिमला पहुंची।
23 अप्रैल 2018 : आरोपी को सीबीआई मौके की निशानदेही के लिए दादी जंगल ले गई।
18 जून 2021 : गुड़िया से रेप के आरोपी नीलू को उम्र कैद की सजा सुनाई गई।
अप्रैल 2019 : जहूर एच जैदी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत। जारी रहा ट्रायल।
जनवरी 2020 : भाजपा की तत्कालीन सरकार ने जैदी को निलंबित किया।
जनवरी 2023 : कांग्रेस सरकार ने जैदी की सेवाएं बहाल कीं।
सितंबर 2023 : जैदी को पुलिस मुख्यालय में बताैर आईजी तैनाती दी गई।
18 जनवरी 2025: जैदी सहित आठ पुलिसकर्मी दोषी करार
27 जनवरी 2025: जैदी सहित आठ पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा


पहले भी 582 दिन शिमला की कंडा जेल में रहे थे जहूर जैदी
जहूर हैदर जैदी 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वह गुड़िया हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी के प्रमुख थे। सीबीआई ने अगस्त 2017 में उन्हें सूरज की मौत के मामले में गिरफ्तार किया। इसके बाद जैदी 582 दिन तक शिमला के कंडा जेल में रहे। अप्रैल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत मिली थी। जमानत के बाद भी उनके खिलाफ ट्रायल जारी रहा। जनवरी 2020 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। तीन साल के निलंबन के बाद जनवरी 2023 में हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने उनकी सेवाएं बहाल कर दीं। सितंबर साल 2023 में उन्हें पुलिस विभाग में तैनाती दी गई थी।

गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड में चिरानी को हो चुकी है उम्रकैद
बहुचर्चित गुड़िया मामले में सत्र एवं जिला न्यायाधीश शिमला राजीव भारद्वाज की विशेष अदालत ने 18 जून 2021 को अनिल कुमार उर्फ नीलू उर्फ कमलेश को नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या की धाराओं के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अप्रैल 2018 में सीबीआई ने चिरानी नीलू को गिरफ्तार किया था। 28 अप्रैल 2021 को शिमला की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था।  पुलिस की ओर से सूरज समेत पहले गिरफ्तार किए गए सभी सात लोगों को निर्दोष पाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed