जल संकट पर पीएमओ से आई चिट्ठी, अब दिल्ली जाकर सीएम जयराम देंगे सफाई
प्रदेश में जल संकट पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से आई चिट्ठी पर जयराम सरकार ने अपना जवाब दे दिया है। सरकार ने लिखा है कि सूखे के कारण जलस्रोतों में पानी के स्तर में आई गिरावट से जल संकट पैदा हुआ है।
स्थिति को नियंत्रित करने को व्यापक कदम उठाए गए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मामले में हिमाचल सरकार की मदद करने के लिए हाथ बढ़ाया है। अल्पकालिक और दीर्घकालिक इस्तेमाल की योजनाओं का रिकॉर्ड मांगते हुए ये भी जानकारी देने को कहा है कि मौजूदा जल संकट से निपटने के लिए क्या
किया जा सकता है। राजधानी शिमला में पीने के पानी के लिए हाय-तौबा पर बीते दिनों प्रधानमंत्री कार्यालय हरकत में आया है। सूत्रों ने बताया कि गुप्तचर एजेंसियों ने इस
संकट पर पीएमओ को जानकारी दी है कि इस समस्या का समय रहते समाधान न किया गया तो जनता में सरकार की गलत छवि बन सकती है। इस पर पीएमओ ने संज्ञान लिया है।
कोल डैम प्रोजेक्ट से निकलेगा समाधान
केंद्र सरकार को यह बता दिया गया है कि सतलुज से कोल डैम प्रोजेक्ट से पानी उठाकर ही इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि इसके लिए जल्दी बजट जारी करवाने को विश्व बैंक से संपर्क कर इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है।
कल दिल्ली जाकर स्थिति स्पष्ट करेंगे सीएम
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा है कि पानी पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से आए पत्र पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नई दिल्ली जाकर भी स्थिति स्पष्ट करेंगे। सीएम दो जून को दिल्ली जाकर हालात की जानकारी देंगे। सीएम सरकार की ओर से कई अन्य मुद्दों पर भी बात करेंगे।