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हिमाचल में घटने लगा चिप्स, कुरकुरे का कारोबार
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 27 Mar 2014 11:57 AM IST
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हिमाचल में प्लास्टिक पैक जंक फूड पर पाबंदी लगने के डर से थोक विक्रेताओं ने कुरकुरे और नमकीन की सप्लाई मंगवाने में कटौती कर दी है। परचून कारोबारी भी स्टॉक में रखे सामान को खपाने में जुट गए हैं।
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राजधानी में प्लास्टिक पैक जंक फूड की 50 फीसदी तक सप्लाई घटी है। राज्य सरकार ने 25 तरह के उत्पादों की प्लास्टिक पैकिंग पर एक जुलाई 2013 से रोक लगाने की अधिसूचना जारी की थी।
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फूड सेफ्टी एक्ट के प्रावधानों व नियमों के मद्देनजर राज्य सरकार की अधिसूचना को कानून संगत पाते हुए हाईकोर्ट ने अधिसूचना को सही ठहराया। हाईकोर्ट ने प्रदेश में 26 जनवरी 2014 से जंक फूड प्लास्टिक पैक पर पाबंदी लगाने के आदेश दिए।
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इसके खिलाफ कारोबारी सुप्रीम कोर्ट चले गए। 31 मार्च को राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में जवाब दायर करेगी। व्यापार मंडल शिमला के प्रधान इंद्रजीत सिंह ने कहा है कि कारोबारियों ने सुप्रीम कोर्ट से बहुत उम्मीद लगाई है।
इन पैकिंगों पर लग सकती है रोक
कुरकुरे, बिस्कुट, नमकीन, लॉलीपाप, कैंडीबार, टॉफी, स्वीट्स, च्वींगम, चीज पप्स, कुकीस, आम-पापड़, आईसक्रीम, आईसक्रीम कैंडी, चॉकलेट, चॉकलेट कैंडी की प्लास्टिक पैकिंग पर रोक लगी है।
साथ ही मैगी, नूडल्स, समोसा, पकोड़ा, पिजा, बर्गर, पैटीज, फ्रैंच फराईज, ठंडे पेय पदार्थ, सिंथेटिक व फ्रूट बेवरेजिस, जलेबी, गुलाब जामुन, नॉन, पाव भाजी, गोल गप्पा, क्रीमी केक्स की प्लास्टिक पैकिंग पर पाबंदी लगाई गई है।