रोहतांग पर छुट्टियां मनाने जा रहे हैं तो पढ़ लें ये खबर
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भले ही मैदानी क्षेत्र चिलचिलाती गर्मी से झुलस रहे हों, लेकिन हिमाचल के कई इलाके इन दिनों भी बर्फ से लकदक हैं। यही बर्फ हजारों की तादाद में देश दुनिया के सैलानियों को अपनी ओर खींच रही है। प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे में बेश्ाक वाहनों की संख्या को सीमित कर दिया गया है, लेकिन यहां जाने के लिए सैलानी खूब जद्दोजहद कर रहे हैं। रोहतांग में आजकल पांच फीट तक बर्फ है।
मनाली में इस बार मई माह में रिकार्ड सैलानी पहंचे हैं। रोजाना 1000 से ज्यादा पर्यटक वाहन ग्रीन टैक्स बैरियर से प्रवेश कर रहे हैं। इनमें सौ से ज्यादा बसें हैं। जलोड़ी दर्रे से भी बड़ी संख्या में सैलानी मनाली और रोहतांग पहुंच रहे हैं। मई माह में होटलों में औसतन 70 फीसदी ऑक्यूपेंसी रहती है, लेकिन आजकल 90 फीसदी होटल पैक चल रहे हैं।
शिमला, धर्मशाला और डलहौजी की वादियां भी सैलानियों को खूब भा रही हैं यहां भी भीड़ उमड़ रही है। होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप ठाकुर का कहना है कि भले ही एनजीटी के चलते रोहतांग जाने में दिक्कत आ रही है, लेकिन सैलानी बड़ी संख्या में मनाली आ रहे हैं। 90 फीसदी तक पैक चल रहे हैं। रिकार्ड सैलानियों के पहुंचने से पर्यटन कारोबार में बूम आएगा।
जारी है परेशानी
वहीं, रोहतांग पास जाने के लिए टैक्सी ऑपरेटरों के विरोध से काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। रविवार को सैलानियों ने गुलाबा बैरियर पर जमकर हंगामा किया। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों के मुताबिक रोहतांग पर हर दिन पेट्रोल के 600 व डीजल के 400 वाहन जा सकते हैं।
रविवार को रोहतांग को 400 से ज्यादा डीजल वाहन भेज दिए गए, जिससे पेट्रोल वाहन वाले पर्यटकों ने हंगामा कर दिया। उधर, एसडीएम मनाली ज्योति राणा ने बताया कि पेट्रोल वाहनों की संख्या 83 होने की वजह से ही डीजल वाहनों को भेजा गया। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो भी ऐसा करता हुआ पाया गया, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर पर्यावरण शुल्क वसूलने के नाम पर घपले का खुलासा होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने आनन-फानन में मामले को रफा-दफा कर दिया है। जांच के बाद कहा कि यह गलती से हो गया। इसमें किसी प्रकार का कोई गोलमाल नहीं हुआ है। लेकिन, प्रशासन का यह तर्क इसलिए गले नहीं उतर रहा, चूंकि गलती से एक वाहन की पर्ची गलत कटती। लेकिन यहां करीब आधा दर्जन वाहनों की पर्ची काटने में कैसे गलती हो सकती है?
फैसले के बाद बनाएंगे रणनीति
टैक्सी यूनियन का कहना है कि कि 25 मई को एनजीटी के फैसले और 26 मई को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे और उसके बाद सभी संगठन निर्णय लेंगे कि आगे क्या करना है। मनाली होटलियर ऐसोसिएशन के प्रधान और कुल्लू मनाली पर्यटन विकास मंडल के प्रधान अनूप राम ठाकुर ने कहा कि सभी संगठन मिल कर एनजीटी के फैसले को सुप्रीम कोट में चुनौती दे रहे हैं तथा इस लड़ाई में सभी एक साथ हैं।
यहां टैक्सी आपरेटरों की हड़ताल छठे दिन भी जारी रही। ऐसे में चालकों की हड़ताल के बाद सैलानियों को स्नो प्वाइंट तक पहुंचाने और लाने का जिम्मा एचआरटीसी ने संभाला। रविवार को कुल्लू से रोहतांग के लिए निगम ने 26 बसों को रोहतांग के लिए रवाना किया है। वह भी मात्र छह सौ रुपये प्रति व्यक्ति की दर से। यानी रोहतांग की सैर एचआरटीसी लोगों को 600 रुपये में करवा रहा है।