एचपीयू के वीसी की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
याची ने आरोप लगाया था कि कुलपति की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की है। कोर्ट को बताया था कि प्रतिवादी को यूजीसी की ओर से जारी रेगुलेशन के तहत 2011 को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया था।
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हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के कुलपति डॉ. सिकंदर कुमार को बड़ी राहत देते हुए उनकी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर ने याची धर्मपाल के आरोपों को तथ्यहीन पाया। याची ने आरोप लगाया था कि कुलपति की नियुक्ति नियमों के विरुद्ध की है।
कोर्ट को बताया था कि प्रतिवादी को यूजीसी की ओर से जारी रेगुलेशन के तहत 2011 को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया था। 2017 को वीसी पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए। प्रतिवादी ने चयन कमेटी को गुमराह करते हुए आवेदन में अनुभव के गलत तथ्य दिए। प्रार्थी ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि प्रतिवादी को आदेश दें कि नियुक्ति के लिए दिखाई अपनी योग्यता कोर्ट को बताएं। यदि योग्यता यूजीसी के विपरीत पाई जाती है तो ऐसे में नियुक्ति रद्द की जाए।
वीसी के सेवा विस्तार के खिलाफ एनएसयूआई की क्रमिक भूख हड़ताल
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार की नियुक्ति को लेकर आक्रामक रही एनएसयूआई ने अब उनके सेवा विस्तार को रद्द करने की मांग को लेकर वीरवार से क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है। विवि कैंपस में शुरू की गई हड़ताल में एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर, योगेश यादव, रजत भारद्वाज, अभय रायजादा बैठे।
एनएसयूआई सदस्यों ने कुल सचिव के माध्यम से राज्यपाल को मांग पत्र सौंपा, जिसमें सेवा विस्तार रद्द करने की मांग की। छत्तर सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया है कि हड़ताल को समाप्त करने के लिए कुलपति पुलिस को मोहरा बनाकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
वीरवार को पहले ही दिन पुलिस और विवि के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हड़ताल से उठाने का प्रयास किया। कुलपति का सेवा विस्तार रद्द करने और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर शुरू की क्रमिक भूख हड़ताल मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी। ब्यूरो