खाली सिलेंडर लगाकर किया रैफर, पीजीआई गेट पर पहुंचते ही मरीज की मौत
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हिमाचल के जिला सिरमौर के डॉ. यशवंत सिंह मेडिकल कॉलेज नाहन से पीजीआई के लिए रेफर एक मरीज को ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर लगा दिया गया। अस्पताल से निकलते ही दो सड़का के समीप एंबुलेंस को वापस लाना पड़ा।
इसके बाद नया सिलेंडर लगाया गया और फिर मरीज को पीजीआई ले जाया गया। लेकिन पीजीआई में दाखिल होने से पहले ही मरीज की मौत हो गई। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने अब एंबुलेंस में एक की जगह दो सिलेंडर रखने का फैसला लिया है।
वहीं, इमरजेंसी में भरे हुए पांच सिलेंडर स्टैंडबाय रखे जाएंगे। नगर परिषद नाहन के पार्षद शुभम ने बताया कि उनके परिजन डॉ. संजीव की गत रात्रि अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें तुरंत नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया
लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई के लिए रेफर किया। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। लिहाजा, एंबुलेंस में ऑक्सीजन लगाकर दिया गया लेकिन दो सड़का के समीप पहुंचने से पहले ही सिलेंडर खाली हो गया।
सिलेंडर के लिए लौटना पड़ा वापस, मरीज की मौत
इसके बाद वे वापस अस्पताल आ गए। यहां सिलेंडर लगवाया गया, जिसमें काफी समय लग गया। उन्होंने कहा कि पीजीआई के गेट पर पहुंचते ही मरीज की मौत हो गई। शुभम ने बताया कि वह इसकी शिकायत अस्पताल के आला अधिकारियों से करेंगे।
उधर, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके बाबा ने बताया कि सिलेंडर का वजन अधिक रहता है। कौन सा खाली है या भरा हुआ है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। जो सिलेंडर लगा था, वह खाली था
लेकिन एंबुलेंस कर्मियों ने ऑक्सीजन नहीं होने का पता लगते ही चंद मीटर दूर से एंबुलेंस वापस लाई और दोबारा सिलेंडर लगाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन अब इमरजेंसी में पांच सिलेंडर स्टैंडबाय रखेगा। एंबुलेंस में भी दो सिलेंडर के लिए जगह बनाई गई है।