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एक हजार निजी और कई सरकारी इमारतें चढ़ेंगी पठानकोट-मंडी फोरलेन की भेंट
Tue, 01 Dec 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
मुनीष महाजन, अमर उजाला, जसूर (कांगड़ा)
मुनीष महाजन, अमर उजाला, जसूर (कांगड़ा)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 01 Dec 2020 05:00 AM IST
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सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
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पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना के पहले चरण कंडवाल से सियूणी तक के 37 किलोमीटर के निर्माण कार्य में करीब 3800 परिवार प्रभावित होंगे। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सूत्रों के अनुसार पहले चरण के लिए 917 निजी भवन, जिनमें आवासीय व कारोबारी भवन शामिल हैं, के अलावा 19 सरकारी भवन जिनमें सरकारी स्कूल भी शामिल हैं, गिराने पड़ेंगे। हजारों पेड़ों का भी कटना तय है। इस 37 किमी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 190 भवन जसूर से सटे छतरौली में गिरेंगे।
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वहीं, कंडवाल में 48 कारोबारी परिसर व आवासीय भवन टूटेंगे। नागाबाड़ी में 104, जाच्छ में 66, भडवार में 49, बंड क्रंडियां में 27 और बोड़ में 11 परिसर तोड़े जाएंगे। सर्वाधिक प्रति मीटर जमीन का रेट जसूर में 8000 रुपये है, जबकि कंडवाल, पक्का टियाला, नागाबाड़ी, राजा का बाग के लिए रेट 7000 तय हुआ है। 5000 रुपये छतरोली, खुशीनगर व बासा मुहाल को मिल रहे हैं। चार हजार रुपये प्रति मीटर श्रेणी में नागिनी, गहि लगोड़, द्रग, भडवार, खज्जियां, कोहड़ी व नागा दा पैल, जोंटा के बंड क्रंड़ियां, मनकोट, सुंजाता, मऊ, टटल इत्यादि शामिल हैं।
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भवनों की पैमाइश का कार्य कंडवाल से शुरू कर दिया है। सरकारी भूमि में लगे पेड़ों की गिनती व मूल्यांकन का काम वन विभाग, हॉर्टिकल्चर विभाग व एलएओ नूरपुर करेंगे।- नरेंद्र परमार, एक्सपर्ट कंसल्टेंट, एनएचएआई, पालमपुर
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