Mandi: एचआरटीसी बस की छत पर बिठाईं सवारियां, जान खतरे में डाल करवाया जा रहा सफर
कुल्लू की सैंज घाटी में सोमवार सुबह हुए सड़क हादसे के बाद यहां दोपहर बाद करसोग से स्यांज जा रही एचआरटीसी की बस में छत पर सवारियां बिठाई गई थीं।
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हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू की सैंज घाटी में सोमवार सुबह हुए सड़क हादसे के बाद भी न लोगों ने और न ही एचआरटीसी ने सबक सीखा है। यहां दोपहर बाद करसोग से स्यांज जा रही एचआरटीसी की बस में छत पर सवारियां बिठाई गई थीं। करसोग डिपो की यह बस दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे भंथल के पास रुकी। अधिक सवारियां होने की वजह से उन्हें बस की छत पर बैठा दिया गया। छत पर छह से सात सवारियां चढ़ाए जाने के बाद बस आगे निकल गई। इस बीच भंथल में लगाए गए सीसीटीवी में एचआरटीसी की बसों में सुरक्षित यात्रा का सच कैद हो गया। बताया जा रहा है कि करसोग स्टैंड से ही बस सवारियों से खचाखच भरी हुई थी। इस बीच रास्ते में पड़ने वाले स्टॉप पर खड़ी सवारियों को बस की छत पर बैठा दिया गया।
हैरानी की बात है कि सुबह ही कुल्लू में एक निजी बस के खाई में गिरने से 13 लोगों की मौत हुई है, लेकिन एचआरटीसी के बस चालक ने इससे कोई सबक नहीं लिया। नियमों को ताक पर रखकर सवारियां को बस की छत पर चढ़ा दिया। उधर लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रूटों पर बसें कम हैं। इसलिए जनता मजबूरी में छत पर सफर करने के लिए मजबूर है। लोगों ने सरकार से ग्रामीणों क्षेत्रों में बसों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की है। करसोग डिपो के आरएम पीयूष शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी। मामला सामने आने के बाद चालक से संपर्क किया गया तो बताया कि सवारियां जबरदस्ती छत पर बैठ गई थीं। उन्हें अगले स्टेशन पर छत से उतार दिया गया था।
चंबा में भी नियम दरकिनार
उधर, चंबा जिले के ग्रामीण रूटों पर निजी बस चालक और परिचालक यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। एक तरफ जहां बस में ठूंस-ठूंस कर सवारियां भरी जा रही हैं तो वहीं दूसरी ओर छत पर भी यात्रियों को सफर करवाया जा रहा है। सोमवार को सलूणी-भड़ेला रूट पर चलने वाली निजी बस की छत पर सवारियां बैठाई गई थीं। सोशल मीडिया में भी यह फोटो जमकर वायरल भी हो रहे हैं। एक तरफ जहां प्रदेश में आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर निजी बस चालक-परिचालक ज्यादा कमाई के चक्कर में यात्रियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि जिले में होने वाली वाहन दुर्घटनाओं से भी निजी बस ऑपरेटर कोई सीख नहीं ले रहे हैं। बस चालकों और परिचालकों पर शिकंजा कसने की बात परिवहन निगम तो कहता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में यहां पर बसें दौड़ाने वाले चालक और परिचालकों के हौसले बुलंद हैं। बहरहाल, प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से अगर समय रहते कोई कार्रवाई न की गई तो इसी तरह अन्य चालक-परिचालक भी नियमों को दरकिनार करेंगे। चंबा के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ओंकार सिंह का कहना है कि यह मामला ध्यान में लाया गया है। कहा कि अगर ऐसा है तो जल्द नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निजी बस मालिकों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों की अवहेलना न करें।