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मौत के तीन दिन बाद मिली ऐसी कामयाबी, शायद नसीब में नहीं थी

Mon, 06 Feb 2017 05:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संगड़ाह (सिरमौर)
ब्यूरो/अमर उजाला, संगड़ाह (सिरमौर) Updated Mon, 06 Feb 2017 05:06 PM IST
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Pankaj accidentally shot dead after three days gets appointment as an assistant professor

बेटे की तरक्की हो तो मां-बाप का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। ऐसा दुखदायक एवं हृदय विदारक वक्त ईश्वर किसी को न दे कि बेटा कामयाब हो जाए और खुशियां बांटने के लिए वही दुनिया में न हो।  संगड़ाह के कजवां गांव के परिजनों पर ऐसे ही दुखों का पहाड़ टूटा है। बेटे की कामयाबी की खबर तो मिली, लेकिन खुशियां बांटने के लिए वह दुनिया में नहीं रहा।

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तीन दिन पहले जानवरों को भगाते वक्त गलती से चली बंदूक की गोली में जान गंवाने वाले पंकज की कामयाबी ने परिजनों के जख्म और गहरे कर दिए हैं। लोक सेवा आयोग की ओर से घोषित सहायक प्रोफेसर पद की भर्ती में दिवंगत पंकज का नाम भी उत्तीर्ण हुए उम्मीदवारों की सूची में है।
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असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए 26 वर्षीय पंकज ने जीतोड़ मेहनत की थी। गौरतलब है कि संगड़ाह उपमंडल के कजवा गांव के पंकज की दो फरवरी को मौत हो गई थी। सुबह बंदरों को भगाने के लिए खेत की तरफ जा रहा था कि अचानक चाचा का पांव फिसल गया, जिससे चाचा की दोनाली बंदूक से गोली चल गई।

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बंदूक की गोली लगने से हो गई थी पंकज की मौत

Pankaj accidentally shot dead after three days gets appointment as an assistant professor

गोली पंकज को लगी, जिस वजह से उसकी मौत हो गई। पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है। शनिवार शाम गमगीन परिवार के जख्म फिर हरे हो गए, जबकि लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उनका दिवंगत बेटा उत्तीर्ण हुआ। पंकज ने कजवा स्कूल से प्राइमरी की शिक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके बाद जमा दो तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय से की। 

इसके बाद जेएनयू दिल्ली से भूगोलशास्त्र में एमए की। प्रदेश विश्वविद्यालय से एमफिल भी की। दिवंगत पंकज के पिता कुंबिया राम लोनिवि में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत हैं। बेटे की कामयाबी से पिता का गला भर आया। आंखें आंसुओं से भीग गईं। उन्होंने बताया कि मुश्किलों के दौर में बेटे को पढ़ा-लिखाकर उन्होंने इस मुकाम पर पहुंचाया, लेकिन अब वही इस दुनिया में नहीं है।

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