हिमाचल में चुनाव से पहले किया जाएगा पंचायतों का पुनर्गठन: जयराम
हिमाचल सरकार दिसंबर 2020 में प्रस्तावित पंचायत चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों का पुनर्गठन करेगी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को सदन में इसके संकेत दिए। उन्होंने कहा कि कई पंचायतें यहां से वहां हो गई हैं, उन्हें पुनर्गठित कर ठीक किया जाएगा।
सरकाघाट से भाजपा विधायक कर्नल इंद्र सिंह के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 में निर्वाचन आयोग ने विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन में कानूनगो और पटवार वृत्तों को आधार बनाया था न कि पंचायतों को।
इसी कारण पंचायतें इधर-उधर हो गईं। मुख्यमंत्री ने धर्मपुर की कई पंचायतों को सरकाघाट से जोड़ने के विधायक कर्नल इंद्र सिंह के सवाल के जवाब में कहा कि अगर किसी तरह की कठिनाई नहीं हुई तो इस पर विचार किया जाएगा।
सीएम ने उपमंडलों के भी पुनर्गठन की जरूरत जताई
पांवटा से भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने अनुपूरक प्रश्न में कहा कि एक विधानसभा क्षेत्र में तीन-तीन उपमंडल हैं। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में पुनर्गठन की जरूरत है। सीएम ने कहा कि उपमंडलों-पंचायतों के पुनर्गठन की उन्होंने खुद लड़ाई लड़ी है।
पंजीकृत मछुआरों को लाइफ जैकेट देगी जयराम सरकार
जयराम सरकार प्रदेश के पंजीकृत मछुआरों को जल्द लाइफ जैकेट देगी। इसके लिए मछली पालन विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह बात शीत सत्र के तीसरे दिन देहरा के विधायक होशियार सिंह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में पूछे गए सवाल के जवाब में मछली पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कही। होशियार सिंह ने कहा कि पौंग बांध क्षेत्र में मछुआरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है। मछुआरे बिना लाइफ जैकेट मछलियां पकड़ने जाते हैं। सरकार मछुआरों की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि डूबने से मरने वाले मछुआरे को तैरना नहीं आता था।
उन्होंने सरकार से लाइसेंस जारी करने से पहले मछुआरे के तैरने का टेस्ट लेने की बात कही। जवाब देते हुए वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पंजीकृत मछुआरों को सरकार 40 और 60 प्रतिशत अनुदान पर सुरक्षा उपकरण दे रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री बीमा योजना का लाभ दे रही है। इस वित्त वर्ष में जलाशयों के 250 मछुआरों को सुरक्षित मछली शिकार करने के लिए आधुनिक किस्ती, लाइफ जैकेट व बरसाती तिरपाल मुहैया करवा दिए हैं। जल्द ही सभी मछुआरों को लाइफ जैकेट देने का प्रावधान किया जाएगा।
पंजीकृत मछुआरों की संख्या
गोबिंद सागर व कौल डैम- 2565
चमेरा व रणजीत सागर - 199
पौंग बांध - 2725
वर्ष डूबने से मरे मछुआरे
2015-16 6
2016-17 7
2017-18 3
2018-19 4
2019 से अभी तक 2