पंचायत उपचुनाव में पहली बार होगा ऐसा
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लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तर्ज पर इस बार पंचायत उपचुनाव में भी नोटा का इस्तेमाल होगा। प्रदेश के 251 वार्डों में 30 नवंबर को उपचुनाव होने हैं। इसमें दो जिला परिषद 13 पंचायत समिति सदस्य, 34 प्रधान, 27 उपप्रधान और 175 पंचायत वार्ड सदस्य शामिल हैं। इन चुनावों में नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 19 नवंबर है। यह जानकारी राज्य निर्वाचन आयुक्त टीजी नेगी ने प्रेसवार्ता में दी।
नेगी ने बताया कि पंचायतों में चुनाव निर्धारित समय पर होंगे। प्रतिनिधियों का कार्यकाल दिसंबर, 2015 में पूरा होना है। उसके दो महीने पहले से चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर को होने वाले पंचायत उप चुनाव में एवीएम मशीनें इस्तेमाल नहीं की जा रही हैं। चूंकि इसमें उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा होती है। इसके चलते मतदाता बैलेट पेपर पर ही मतदान करेंगे। अगर पंचायत में एक पद के लिए चार उम्मीदवार चुनाव मैदान में होंगे तो पांचवें स्थान पर नोटा होगा।
किन्नौर और कांगड़ा में होने हैं जिला परिषद चुनाव
अगर लोगों को कोई भी उम्मीदवार सही नहीं लगता है तो वह नोटा का इस्तेमाल कर सकेंगे। अगर पंचायत चुनाव में नोटा पर लोगों की सहमति बनती है तो अन्य उम्मीदवार जो चुनाव मैदान में होंगे, उसमें सबसे ज्यादा वोट लेने वाला विजयी घोषित होगा। उन्होंने कहा कि पंचायत उम्मीदवार 10 दिन तक चुनाव प्रचार कर सकेंगे।
जिन-जिन पंचायतों में चुनाव हो रहे हैं, वहां चुनाव परिणाम आने तक कोई भी जनहित के काम नहीं होंगे और न ही पंचायत के तहत आने वाले सरकारी कर्मचारियों के तबादले होंगे। हिमाचल के दो जिलों किन्नौर और कांगड़ा में जिला परिषद के चुनाव होने हैं। ये चुनाव 30 नवंबर को पंचायत उप चुनाव के साथ होंगे। इन दोनों जिलों के मतदाताओं को जिला परिषद के लिए भी मतदान करना होगा।