{"_id":"6432be5c3f691cec470e0e66","slug":"outsource-employee-worried-contract-yet-not-renewed-by-himachal-health-department-2023-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: स्वास्थ्य विभाग में 1891 आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य दांव पर, जारी नहीं हुई अधिसूचना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: स्वास्थ्य विभाग में 1891 आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य दांव पर, जारी नहीं हुई अधिसूचना
Sun, 09 Apr 2023 07:02 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 09 Apr 2023 07:02 PM IST
सार
कोरोना काल के दौरान रखे आउटसोर्स कर्मचारी अनुबंध खत्म होने के बाद भी बड़े अस्पतालों में काम कर रहे है। जबकि, कुछ जिलों में उनसे काम नहीं लिया जा रहा है।
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आईजीएमसी और डीडीयू समेत पूरे प्रदेश में कोरोना काल में रखे 1,891 आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य दांव पर लग गया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के आदेशों के 10 दिन बाद भी उनके अनुबंध को बढ़ाने के लिए अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। आलम यह है कि आईजीएमसी, डीडीयू समेत पूरे प्रदेश में कोरोना काल के दौरान रखे आउटसोर्स कर्मचारी अनुबंध खत्म होने के बाद भी बड़े अस्पतालों में काम कर रहे है।
विज्ञापन
जबकि, कुछ जिलों में उनसे काम नहीं लिया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कमलजीत सिंह डोगरा ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यूनियन ने दस दिन पहले सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात की थी, लेकिन अभी तक उन्हें रखने को लेकर सरकार की ओर से अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
कोरोना महामारी के दौरान प्रदेशभर में 1,891 आउटसोर्स कर्मियों की तैनाती की गई थी। इनमें स्टाफ नर्स, डाटा एंटी ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अलावा अन्य श्रेणी के कर्मी शामिल हैं। लेकिन, अब इनका अनुबंध पूरा होने के बाद बड़े अस्पतालों में काम लिया जा रहा है, लेकिन इनकी हाजिरी नहीं लग रही है। ऐसे में इन कर्मचारियों के मन में सवाल है कि क्या इनका अनुबंध बढ़ेगा और दस दिन से लगातार किए जा रहे काम का मेहनताना इन्हें मिलेगा। हालांकि, यूनियन का यह भी कहना है कि सोमवार तक सरकार फैसला नहीं लेती है तो विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
विज्ञापन
अनुबंध न बढ़ता देख निजी अस्पतालों में काम करने चले गए कर्मी
सरकार की ओर से आउटसोर्स कर्मचारियों की अनुबंध अवधि सरकार की ओर से न बढ़ाए जाने के कारण वे काम छोड़कर चले गए हैं। उन्होंने अब निजी अस्पतालों में काम करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि परिवार के पालन पोषण करने के लिए कर्मचारियों को यह फैसला लेना पड़ा है।
कई जगहों पर आधे साल की तनख्वाह भी नहीं मिली
कोरोनाकाल में आउटसोर्स के तहत रखे गए कर्मी काम के प्रति बेहद मुस्तैद है। महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों ने बिना वेतन के काम किया है। सूत्रों का कहना है कि कुछ जगहों पर तीन से छह माह की तनख्वाह भी कर्मियों को नहीं मिली है। बावजूद इसके कर्मचारी सेवा भावना के तहत इस दौर में काम कर रहे हैं।