हिमाचल हाईकोर्ट: सनवारा में सड़क निर्माण की ताजा रिपोर्ट देने के दिए आदेश
मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने अदित सिंगल की ओर से दायर जनहित याचिका में यह आदेश पारित किए। प्रार्थी ने टोल प्लाजा स्थापित करने पर सवाल उठाए हैं। प्रार्थी के अनुसार सनवारा में टोल प्लाजा अवैध और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े नियमों के विपरीत है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सनवारा स्थित टोल प्लाजा में टोल टैक्स वसूलने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 2 किलोमीटर अधूरे सड़क निर्माण की ताजा स्थिति शपथपत्र के माध्यम से बताने के आदेश दिए हैं। यह परवाणू और सोलन के बीच का अनुभाग है। कोर्ट ने इस अनुभाग के शुरू में बन रहे ओवरब्रिज की ताजा स्थिति और निर्माण कार्य की अवधि के बारे में भी पूछा है। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने अदित सिंगल की ओर से दायर जनहित याचिका में यह आदेश पारित किए। प्रार्थी ने टोल प्लाजा स्थापित करने पर सवाल उठाए हैं। प्रार्थी के अनुसार सनवारा में टोल प्लाजा अवैध और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े नियमों के विपरीत है।
राजमार्ग शुल्क, (दरों और संग्रह का निर्धारण) नियम, 2008 के अनुसार 2 टोल प्लाजा 60 किलोमीटर की दूरी के भीतर एक ही खंड में नहीं हो सकते हैं। एक अन्य टोल प्लाजा चंडी मंदिर में स्थित है और जिला सोलन के परवाणू में 60 किलोमीटर के भीतर सनवारा टोल प्लाजा बनाया गया है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने परवाणू - सोलन अनुभाग के 95 फीसदी से कम काम को पूरा बताते हुए ठेकेदार कंपनी मेसर्स जीआर इन्फ्राप्रोजेक्ट्स को गलत और मनमाने ढंग से कंप्लिशन सर्टिफिकेट जारी किया है। प्रार्थी का आरोप है कि काम पूरा होने से पहले टोल वसूला जा रहा है। निर्माण कार्य और फ्लाईओवर के निर्माण कार्य का बड़ा अधूरा है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि 95 प्रतिशत कार्य भी पूरा कर लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बसे कस्बे और गांव से जुड़ने वाली सड़कों के बीच उचित बैरिकेडिंग भी नहीं की गई है। प्रार्थी ने सनवारा टोल प्लाजा पर देय टोल टैक्स दरों को नियत करने वाली अधिसूचना को रद्द करने की गुहार लगाई है।