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Shimla News: पुजेरा फ्रूट कंपनी से 1.57 लाख वसूली के आदेश
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शिमला। अदालत ने सेब खरीद-फरोख्त मामले में जिला सिरमौर की पुजेरा फ्रूट कंपनी (पीएचसी) के मालिक संदीप से 1.57 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं।
सिविल जज सुष्मिता शर्मा की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने कंपनी को मुकदमे की लागत के साथ 6 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। तहसील चौपाल निवासी दीपक कुमार ने साल 2021 में सेब की 108 पेटियां कंपनी को बेची थीं। अगस्त 2021 में सेब सीजन के दौरान पुजेरा फ्रूट कंपनी ने दीपक से संपर्क कर अच्छी रकम में सेब खरीदने की इच्छा जताई। आश्वासन के अनुसार दीपक ने 29 अगस्त को 108 सेब की पेटियां वितरित कर दीं। इसमें रॉयल की 72 पेटियां, रिचर्ड की 6 पेटियां, रेड गोल्ड की 9 पेटियां, रॉयल की 21 पेटियां शामिल थीं। आरोप लगे कि कंपनी की मांग पर सेब दिए गए लेकिन कंपनी ने इस संबंध में कोई बिल की रसीद जारी नहीं की। एक माह के भीतर 30 हजार का भुगतान करने की बात कही थी। दीपक के बार-बार आग्रह करने के बावजूद कंपनी सेब का भुगतान करने में विफल रही। इसके बाद कंपनी ने एचडीएफसी बैंक शाखा राजगढ़ के नाम से 1,27,200 और 30,000 की राशि के दो चेक जारी किए लेकिन दोनों चेक अस्वीकृत हो गए। इसके बाद दीपक ने सेब राशि की वसूली के लिए अदालत के समक्ष आवेदन दायर किया था।संवाद
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सिविल जज सुष्मिता शर्मा की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने कंपनी को मुकदमे की लागत के साथ 6 फीसदी प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। तहसील चौपाल निवासी दीपक कुमार ने साल 2021 में सेब की 108 पेटियां कंपनी को बेची थीं। अगस्त 2021 में सेब सीजन के दौरान पुजेरा फ्रूट कंपनी ने दीपक से संपर्क कर अच्छी रकम में सेब खरीदने की इच्छा जताई। आश्वासन के अनुसार दीपक ने 29 अगस्त को 108 सेब की पेटियां वितरित कर दीं। इसमें रॉयल की 72 पेटियां, रिचर्ड की 6 पेटियां, रेड गोल्ड की 9 पेटियां, रॉयल की 21 पेटियां शामिल थीं। आरोप लगे कि कंपनी की मांग पर सेब दिए गए लेकिन कंपनी ने इस संबंध में कोई बिल की रसीद जारी नहीं की। एक माह के भीतर 30 हजार का भुगतान करने की बात कही थी। दीपक के बार-बार आग्रह करने के बावजूद कंपनी सेब का भुगतान करने में विफल रही। इसके बाद कंपनी ने एचडीएफसी बैंक शाखा राजगढ़ के नाम से 1,27,200 और 30,000 की राशि के दो चेक जारी किए लेकिन दोनों चेक अस्वीकृत हो गए। इसके बाद दीपक ने सेब राशि की वसूली के लिए अदालत के समक्ष आवेदन दायर किया था।संवाद
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