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OPS: मुख्यमंत्री की मनाही के बावजूद हिमाचल बिजली बोर्ड कर्मियों के वेतन से फिर कटा एनपीएस शेयर

Sun, 02 Jul 2023 11:58 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sun, 02 Jul 2023 11:58 AM IST
सार

पुरानी पेंशन बहाली के इंतजार में बैठे 6,500 कर्मचारियों को लगातार दूसरे माह भी राहत नहीं मिली है। इसी कड़ी में सोमवार को बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला में सभी कर्मचारी यूनियनों की एक संयुक्त बैठक होने जा रही है।

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OPS: Despite CM refusal, NPS share was again deducted from the salary of electricity board employees
हिमाचल विद्युत बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की मनाही के बावजूद बिजली बोर्ड कर्मियों के वेतन से फिर एनपीएस शेयर कट गया है। पुरानी पेंशन बहाली के इंतजार में बैठे 6,500 कर्मचारियों को लगातार दूसरे माह भी राहत नहीं मिली है। इसी कड़ी में सोमवार को बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला में सभी कर्मचारी यूनियनों की एक संयुक्त बैठक होने जा रही है। इस बैठक में बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ आगामी रणनीति बनाई जाएगी। बीते दिनाें मुख्यमंत्री सुक्खू ने कर्मचारी यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दाैरान जून के वेतन से एनपीएस शेयर नहीं कटने का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने बोर्ड प्रबंधन को भी इस बाबत निर्देश दिए थे। इसके बावजूद शनिवार काे जारी हुए वेतन से एनपीएस का शेयर काटा गया है। इसको लेकर कर्मचारियों में भारी रोष है।

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कर्मचारियों ने मांग की थी कि जब तक बोर्ड में पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती, तब तक एनपीएस का शेयर न काका जाए। उधर, ओपीएस बहाली के लिए बोर्ड प्रबंधन से अभी तक सर्विस कमेटी की बैठक आयोजित नहीं हो रही है। प्रबंधन की इस लचर कार्यप्रणाली के चलते कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ रोष बढ़ रहा है। कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कामेश्वर दत्त का कहना है कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि मुख्यमंत्री की घोषणा लागू करवाने के लिए भी आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड प्रबंधन की कार्यप्रणाली से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। ओपीएस बहाली कांग्रेस सरकार की पहली गारंटी थी, जिसे मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लागू भी कर दिया है, लेकिन बिजली बोर्ड को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा। कर्मचारियों के वेतन से अभी भी एनपीएस का शेयर काटा जा रहा है। यूनियन के महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि तीन जुलाई को सभी कर्मचारी यूनियनों की संयुक्त बैठक कर इस मामले को लेकर आगामी फैसला लिया जाएगा।

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