अब सिर्फ ये इंजीनियर ही दे पाएंगे भवन की मजबूती का सर्टिफिकेट
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अवैध भवनों को नियमित कराने के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट देने के लिए सरकार ने केंद्र और हिमाचल सरकार के इंजीनियरों को अधिकृत किया है। निजी स्ट्रक्चर इंजीनियरों की मनमानी पर सरकार ने यह व्यवस्था की है।
सरकार को शिकायत मिली है कि निजी स्ट्रक्चर इंजीनियर अवैध भवनों की मजबूती का प्रमाण पत्र देने को 30 से 40 हजार रुपये वसूल रहे हैं। सरकार की ओर से जारी आदेशों के मुताबिक जो सरकारी कर्मचारी स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी प्रमाण पत्र देने के लिए अधिकृत होंगे।
उनके लिए सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री, स्ट्रक्चर डिजाइन में छह साल का अनुभव, एमटेक (सिविल इंजीनियरिंग) में चार साल और पीएचडी (सिविल इंजीनियरिंग) में एक साल का स्ट्रक्चर डिजाइन या सुपरवाइजर का अनुभव होना जरूरी है।
पहले सरकार ने निजी स्ट्रक्चर इंजीनियर को पंजीकृत कर उन्हें प्रमाण पत्र देने के लिए अधिकृत किया था। टीसीपी कार्यालय में मात्र 17 इंजीनियरों ने अपनी रजिस्ट्रेशन कराई। इनमें भी 5 इंजीनियर बाहरी राज्यों के थे।
हिमाचल में 30 हजार अवैध भवन
हिमाचल में अवैध भवनों की संख्या करीब 30 हजार है। प्रदेश सरकार ने इन भवनों को नियमित कराने के लिए टीसीपी एक्ट में संशोधन किया है। नगर निगम और टीसीपी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग फीस तय की है।
प्रदेश सरकार ने केंद्र और हिमाचल सरकारी विभागों में तैनात सिविल इंजीनियर जिनके पास स्ट्रक्चर डिजाइन का अनुभव है, उन्हें भी प्रमाण पत्र देने के लिए अधिकृत किया है। निजी इंजीनियरों की शिकायतें मिलने के बाद लोगों को राहत देने के लिए प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। - सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री