उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फैसला, इस स्कूल को एक लाख हर्जाना
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हिमाचल प्रदेश के जिला उपभोक्ता फोरम कुल्लू ने भुंतर क्षेत्र के एक निजी स्कूल और स्कूल प्रधानाचार्या को एक लाख रुपये हर्जाना भरने के आदेश दिए हैं। इसके अतिरिक्त 49 हजार रुपये फीस नौ प्रतिशत ब्याज दर के साथ और मुकदमे की फीस दस हजार रुपये चुकता करने के आदेश दिए हैं।
यह आदेश फोरम ने गत 27 मार्च को सुनाए हैं। स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्या पर अल्पसंख्यक छात्रा को प्रताड़ित करने आरोप है। जिस पर छात्रा के दादा गुलजार मोहम्मद भारती निवासी नगवाईं तहसील औट जिला मंडी ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी कि शैक्षणिक सत्र 2015-16 में उनकी पौत्री भुंतर क्षेत्र के एक निजी में जमा दो साइंस संकाय की छात्रा रही है।
लेकिन स्कूल प्रबंधन की तरफ से उसका वार्षिक परीक्षा का रोल नंबर रोक दिया। जिस पर वह अंग्रेजी विषय का पेपर देने में असफल रही। बाद में पुलिस, जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के हस्तक्षेप से छात्रा को रोल नंबर मिला और उसने अन्य पेपर पुलिस सुरक्षा में दिए।
छात्रा का एक वर्ष बर्बाद
बाद में परीक्षा परिणाम में वह अंग्रेजी विषय में अनुपस्थित पाई गई। वहीं अन्य पेपरों में वह अच्छे नंबरों से पास हुई। जिस कारण छात्रा का एक वर्ष बर्बाद हो गया। हालांकि बाद में अंग्रेजी विषय का पेपर भी छात्रा ने उत्तीर्ण कर लिया।
जिस पर जिला उपभोक्ता फोरम कुल्लू ने उक्त निजी स्कूल व स्कूल प्रधानाचार्य को संयुक्त तौर पर या अलग-अलग शैक्षणिक सत्र 2015-16 का 49 हजार रुपये नौ प्रतिशत के साथ चुकता करे।
इसी के साथ एक लाख प्रताड़ना के लिए हर्जाना और दस हजार रुपये मुकदमे का खर्चा चुकता करें। इधर, स्कूल प्रबंधन का तर्क है कि छात्रा की 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं हो पाई थी। जिस पर रोल नंबर रोका गया था। अब राज्य उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया जाएगा।