यहां बनेगा हिमाचल का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, ओएलएस सर्वे को हरी झंडी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी के बल्ह में सूबे का पहला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने की राह आसान होने लगी है। केंद्र ने इसके ऑब्सटेकल लिमिटेशन सरफेस (ओएलएस) सर्वे के लिए मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने हिमाचल के मौजूदा हवाई अड्डों को बेहतरीन बनाने को भी टास्क फोर्स बनाने के आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश में हवाई अड्डों की हालत सुधारने के मुद्दे पर वीरवार को सुरेश प्रभु से नई दिल्ली में भेंट की।
उन्होंने मौके पर ही ओएलएस सर्वे और टास्क फोर्स गठित करने के आदेश जारी किए। जयपुर से लौटने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु से मिले।
मुख्यमंत्री ने सुरेश प्रभु को बताया कि राज्य में पर्यटकों के आवागमन को बढ़ाने के लिए सबसे बड़ी समस्या कनेक्टिविटी की है। मौजूदा समय में प्रदेश में तीन एयरपोर्ट हैं। इनमें से एक गगल, दूसरा भुंतर और तीसरा शिमला मेें हैं, मगर इन तीनों की क्षमता कम है।
ये भी उठाई मांगें, केंद्रीय मंत्री ने जारी किए आदेश
इनमें बड़े हवाई जहाज नहीं उतर पा रहे हैं। इससे हवाई सफर महंगा है। ऐसे में अगर इन हवाई अड्डों का विस्तारीकरण किया जाए तो यहां बड़े जहाज उतर सकते हैं।
सीएम जयराम ठाकुर ने खासतौर कांगड़ा एयरपोर्ट के पर्याप्त विस्तार की संभावनाओं पर भी बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष मांग रखी कि प्रदेश में उड़ान 2 योजना जल्दी शुरू की जाए।
केंद्रीय मंत्री ने पवन हंस को तय समय सीमा के भीतर सेवा शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा चंडीगढ़ से शिमला, शिमला से धर्मशाला और शिमला से कुल्लू के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने के भी केेंद्रीय मंत्री ने आदेश जारी किए।
सैलानियों को मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी में हवाई अड्डा बनने से सैलानियों को मनाली तथा आसपास के क्षेत्रों के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
सरकार मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन को नामांकित करेगी सीएम ने कहा कि प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार विशेष कार्य बल के सृजन के लिए मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन को नामांकित करेगी।
केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने अधिकारियों को शीघ्र टास्क फोर्स का निर्माण तथा रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए, जिससे औपचारिकताओं को दो माह के भीतर पूरा किया जा सके।
परवाणु को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने का आग्रह
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से हिमाचल के प्रथम औद्योगिक क्षेत्र परवाणू को प्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की मांग की है। डॉ. सैजल ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री से भेंट की।
डॉ. सैजल ने कहा कि परवाणू न केवल हिमाचल का प्रथम औद्योगिक क्षेत्र है बल्कि यहां निर्मित अनेक उत्पादों की विश्व में पहचान भी है। उन्होंने कहा कि परवाणू हिमाचल का प्रवेश द्वार है तथा शिमला आने-जाने वाले सभी पर्यटक इसी क्षेत्र से होकर गुजरते हैं।
उन्होंने कहा कि परवाणु को सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने से यहां स्थापित उद्योगों को लाभ होगा, वहीं स्थानीय निवासी एवं पर्यटक भी लाभान्वित होंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री को परवाणू से सोलन तक राष्ट्रीय राजमार्ग के फोरलेन कार्य की भी विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने फोरलेन कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने का आग्रह किया। उन्होंने फोरलेन कार्य की गुणवत्ता के विषय में नितिन गडकरी को अवगत करवाया।
केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री ने डॉ. सैजल को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार हिमाचल में उच्च कोटी का सड़क नेटवर्क स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर शिमला लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रो. वीरेंद्र कश्यप एवं वरिष्ठ भाजपा नेता तथा सोलन जिला के प्रभारी चंद्रमोहन ठाकुर उपस्थित थे।