उपलब्धि: किसान की बेटी कौशल्या का यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा में देशभर में चौथा स्थान
कौशल्या ने शुरुआती शिक्षा से बीए तक की पढ़ाई शिलाई में की है। अब यूजीसी नेट और जेआरएफ की परीक्षा पास कर ली है।
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गिरिपार के शिलाई क्षेत्र की बेला पंचायत की रहने वाली किसान की बेटी कौशल्या चौहान ने राजनीतिक शास्त्र में यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा में देशभर में चौथा स्थान हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन कर दिया। शिलाई की मेधावी छात्रा ने 99.99 परसेंटाइल हासिल किए हैं। छात्रा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार वालों और शिक्षकों को दिया है।
कौशल्या ने शुरुआती शिक्षा से बीए तक की पढ़ाई शिलाई में की है। अब यूजीसी नेट और जेआरएफ की परीक्षा पास कर ली है। छात्रा के पिता जागर सिंह किसान और माता श्यामा देवी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। गिरिपार निवासी समाजसेवी कुंदन सिंह शास्त्री और जीएस नेगी ने बताया कि कौशल्या अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।
कमरऊ की छात्रा प्रतीक्षा तोमर ने पास की यूजीसी-नेट परीक्षा
गिरिपार क्षेत्र के बड़े गांव कमरऊ की होनहार छात्रा प्रतीक्षा तोमर ने यूजीसी-नेट परीक्षा उत्तीर्ण कर माता-पिता सहित क्षेत्र का नाम रोशन किया है। छात्रा ने असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा के लिए पात्रता हासिल कर ली है। अब स्क्रीनिंग टेस्ट की तैयारियों में जुट गई है। छात्रा अपने परिजनों के सपनों को साकार करने से बस कुछ कदम दूर है। बता दें कि कमरऊ निवासी छात्रा प्रतीक्षा की प्रारंभिक शिक्षा सतौन से हुई।
12वीं तक की पढ़ाई गुरु नानक मिशन पब्लिक स्कूल पांवटा साहिब से करने के बाद, शिमला सेंट बिड्स कॉलेज से स्नातक तथा एमए हिमाचल प्रदेश विवि से उत्तीर्ण की है। छात्रा के पिता सुरेश तोमर रावमापा गोरखूवाला में अर्थशास्त्र (इक्नोमिक्स)के प्रवक्ता तथा मां सोरतों तोमर रावमापा निहालगढ़ में ग्रेड-टू अधीक्षक पद पर कार्यरत है। प्रतीक्षा का विषय मनोविज्ञान ( साइकोलॉजी) रहा है।
परिजनों ने बताया कि बेटी ने असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की प्रथम सीढ़ी पार कर ली है। प्रतीक्षा तोमर ने 300 में से 222 अंक प्राप्त किए हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए क्वालिफाई किया है। छात्रा की सफलता पर गिरिपार क्षेत्र में खुशी का आलम है। सभी रिश्तेदार और जान पहचान के लोग प्रतीक्षा और उनके अभिभावकों को बधाई दे रहे हैं। प्रतीक्षा ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए कड़ी मेहनत करके, सफलता प्राप्त कर परिजनों का सपना पूरा करुंगी।
रविना ने पास की यूजीसी-नेट की परीक्षा
नालागढ़ उपमंडल के पहाड़ी क्षेत्र दिग्गल के किसान की बेटी रविना शर्मा ने एनटीए यूजीसी की ओर से आयोजित कॉमर्स विषय में जूनियर रिसर्च फेलोशिप परीक्षा 99.73 फीसदी अंकों से पास की है। ज्यों ही इस परीक्षा का परिणाम वीरवार को घोषित हुआ, दिग्गल में खुशी का माहौल छा गया। रविना साधारण परिवार से हैं। दिग्गल के साथ लगते गांव घरोल की रहने वाली रविना के पिता के किसान हैं और मां गृहिणी है।
2020 में उसने स्नातक की परीक्षा दिग्गल कॉलेज से पास की थी। 2022 में हिमाचल विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर परीक्षा पास करने के बाद यूजीसी की परीक्षा के लिए आवेदन किया था। रविना ने बताया कि जब भी भविष्य में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से सहायक प्रोफेसर की रिक्तियां निकाली जाएंगी, उसमें आवेदन के लिए पात्र हो गई हैं।
इसके अतिरिक्त अगर वह पीएचडी करना करना चाहेंगी तो उसे सरकार की ओर से शोध कार्य के लिए छात्रवृति मिलेगी। दिग्गल कॉलेज की प्रधानाचार्य हरप्रीत कौर और पीटीए के प्रधान जयसिंह कौशल ने इस सफलता पर रविना और उसके माता-पिता को बधाई दी है।