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Himachal: मिनट में हो जाएगी अब पुराने व्यावसायिक वाहनों की जांच, ग्रीन कोरिडोर पर ई-चार्जिंग के साथ पार्किंग

Wed, 23 Oct 2024 05:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 23 Oct 2024 05:30 PM IST
सार

 5-5 करोड़ की लागत से स्थापित होेने वाले इन स्वचालित परीक्षण केंद्र में उन्नत स्वचलित उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।  

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Now old commercial vehicles will be checked in minutes, parking facility with e-charging on green corridor
हिमाचल कैबिनेट बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में पुराने व्यावसायिक वाहनों की जांच अब महज 20 मिनट में हो जाएगी। मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में 5 ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। 5-5 करोड़ की लागत से स्थापित होेने वाले इन स्वचालित परीक्षण केंद्र में उन्नत स्वचलित उपकरणों का उपयोग किया जाएगा।  पहले चरण में ऊना, नालागढ़, हमीरपुर, कांगड़ा और सिरमौर में स्वचालित परीक्षण केंद्र स्थापित होने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। स्वचालित फिटनेस केंद्र में 20 मिनट में स्वचालित मशीनों से वाहनों की फिटनेस जांच होगी और किसी तरह की गड़बड़ी की भी आशंका नहीं नही रहेगी।

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निजी संचालकों के माध्यम से स्वचालित परीक्षण केंद्र का संचालन किया जाएगा। स्वचालित परीक्षण केंद्र संचालकों को प्रत्येक परीक्षण की जानकारी और वाहन का 30 सेकंड का वीडियो परिवहन विभाग को भेजना होगा। स्वचालित परीक्षण केंद्रों की मान्यता और फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने के नियमों को अधिसूचित किया जाएगा। अनुबंध अवधि के दौरान ऑपरेटर नागरिकों से वाहन फिटनेस परीक्षण के लिए शुल्क वसूलेंगे। गलत जानकारी देने या नीतियों का पालन न करने पर ऑपरेटर का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

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ग्रीन कोरिडोर पर ई-चार्जिंग के साथ पार्किंग की सुविधा
सार्वजनिक निजी सहभागिता से प्रदेश के पांच ग्रीन कोरिडोर पर ईवी-चार्जिंग और जन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। ई-वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया है।   निजी कंपनियां हर साल सरकार को 83 लाख रुपये देंगी और इस राशि में सालाना 7 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ग्रीन कोरिडोर पर होटल, पार्किंग, रेस्तरां, पार्क और शौचालय की सुविधा के एवज में निजी कंपनियां कमाई करेंगी। मौजूदा समय में ग्रीन कॉरिडोर पर 77 ईवी चार्जिंग स्टेशन पहले से ही चल रहे हैं। पांच ग्रीन कॉरिडोर में 41 स्थानों पर यह सुविधा मिलेगी। 

प्रदेश सरकार ने छह ग्रीन कोरिडोर की घोषणा की थी। पहला कोरिडोर कीरतपुर-कुल्लू-केलांग राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहले ही तैयार हो चुका है। इस मार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है। राज्य सरकार पेट्रोल पंप और हिमाचल पर्यटन विकास निगम के होटलों पर भी ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर रही है। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन दे रही है, ताकि ईंधन के खर्च में भी कमी आए और प्रदूषण भी कम हो सके। इन ग्रीन कोरिडोर के तहत सभी एनएच आते हैं, जहां पर लोगों को फिलहाल इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

बिल्डरों पर अगली कैबिनेट बैठक में कसेगा शिकंजा
सरकार अपनी जमीन पर निजी कंपनियों की मदद से सुविधाएं विकसित करेगी, जिससे सरकार को सालाना आमदनी होगी। हिमाचल में रेरा में पंजीकृत बिल्डरों पर अगले कैबिनेट में शिकंजा कस सकता है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मामला लाया गया कि ऐसे बिल्डरों जिन्होंने 100 फ्लैट बेचने के लिए बनाए हैं लेकिन कइयों में शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में वह 12 फीसदी फ्लैट नहीं बेच सकेंगे। 

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