हिमाचल में इंस्पेक्टरी राज पर नकेल, अब मर्जी से नहीं मार सकेंगे छापा
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हिमाचल में अब इंस्पेक्टरी राज पर नकेल डाल दी गई है। अब कहीं भी मनमर्जी से छापे नहीं पड़ेंगे। इसके लिए कॉमन इंस्पेक्शन पोर्टल बनेगा। अब रेंडम प्रीमाइसेज पर रेंडम इंस्पेक्शन होगा। कोई भी इंस्पेक्टर अब तय जगह पर छापा नहीं मारेगा, उसे कहीं भी भेजा जा सकता है। इंस्पेक्टर को अपनी छापामारी की रिपोर्ट एचओडी को 48 घंटे में ऑनलाइन देनी होगी। निवेशकों के लिए माहौल बनाने की जयराम सरकार ने यह पहल की है। मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला हुआ है। हिमाचल सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लक्ष्य से कॉमन इंस्पेक्शन पोर्टल बनाएगी।
इसका मकसद ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में करीब 94 हजार करोड़ रुपये के निवेश के एमओयू को धरातल पर उतारना होगा। प्रदेश सचिवालय में मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने आबकारी एवं कराधान विभाग, नगर नियोजन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि विभिन्न महकमों और अन्य सरकारी उपक्रमों से संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक में वर्तमान की निरीक्षण व्यवस्था पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि मौजूदा समय में अपने-अपने क्षेत्रों या बीट में ही इंस्पेक्टर छापे मारते हैं। इससे कई बार मिलीभगत भी सामने आई है। इस बदलाव के बाद अब पारदर्शितापूर्ण तरीके से निरीक्षण होगा। उन्होंने कहा कि रेंडम प्रीमाइसेज पर अब रेंडम इंस्पेक्शन होगी। 48 घंटे में ऑनलाइन रिपोर्ट वेबपोर्टल पर जमा होगी।