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गलत विषय चुनने के मामले में अब सरकार के पाले में गेंद

Sat, 21 Dec 2019 12:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 21 Dec 2019 12:18 PM IST
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Now Himachal Pradesh Government can ease norms for TGT Recruitment Rules
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

रूसा में खामियों के चलते अपात्र हुए अभ्यर्थियों को ढील देने के मामले में गेंद अब सरकार के पाले में आ गई है। सरकार चाहे तो गलत कांबिनेशन चुनने के कारण अपात्र हो रहे 2013 से 2015 तक के बैच के अभ्यर्थियों के लिए टीटीजी भर्ती नियमों में ढील दे सकती है। बीएड कोर्स संचालित करने वाली राष्ट्रीय बॉडी एनसीटीई सब्जेक्ट कांबिनेशन को लेकर राज्यों को अधिकार दिए हैं। राज्य सरकारें अपने स्तर पर शिक्षकों की आवश्यकता के अनुसार इसमें बदलाव कर सकती हैं। इसलिए प्रदेश सरकार भी अपात्र हुए तीन बैच के हजारों युवाओं को राहत दे सकती है। 

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वहीं, रूसा सीबीसीएस को लागू करने में जल्दबाजी और इसे बिना तैयारी लागू करने के परिणाम सामने आने लगे हैं। गलत कांबिनेशन चुनने के कारण टीजीटी के लिए अपात्र हुए अभ्यर्थियों का अभी तो यह पहला मामला है। जैसे-जैसे भर्ती प्रक्रिया चलेगी वैसे इन मामलों की संख्या भी बढ़ती जाएगी। गलत कांबिनेशन वाली इस डिग्री की इक्विलेंस करवाने के लिए शिक्षा निदेशक और एचपीयू के कुलपति को जिम्मेदारी दी गई है।
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शिक्षा विभाग और एचपीयू के साथ भर्ती करवाने वाले बोर्ड को भी समाधान निकालना होगा। जानकारी के मुताबिक विवि जल्द यह मुद्दा सुलझाने को विषय विशेषज्ञों की कमेटी की बैठक बुला रहा है। इसमें चर्चा के बाद साफ होगा कि गलत कांबिनेशन के साथ यूजी डिग्री और बीएड कोर्स कर चुके युवाओं के भविष्य पर मंडरा रहे संकट को कैसे दूर किया जाए।

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बीएड में प्रवेश के समय भी न्यायालय पहुंचा था मामला

यूजी में गलत कांबिनेशन के बाद बीएड में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी मामले को लेकर 2016 में कोर्ट गए थे। इस पर न्यायालय ने इन्हें यह कहकर राहत दी थी कि किसी को बीएड में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता। यदि वे बीएड करने के लिए पात्र नहीं हैं तो स्कूलों में पीजीटी और प्रधानाचार्य के आवश्यक शर्त को पूरा करते ही हैं। इस पर इन्हें बीएड में प्रवेश मिला था।

जहां कांबिनेशन जरूरी, वहां पात्र नहीं होंगे ऐसे डिग्रीधारक
अगर सरकार टीजीटी के भर्ती नियमों में ढील देती है तो गलत कांबिनेशन के साथ यूजी और बीएड डिग्री करने वाले युवा हिमाचल और ऐसे राज्यों में ही पात्र होंगे, जहां कांबिनेशन की शर्त नहीं है।

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