जन्म प्रमाण पत्र के लिए अब नहीं काटने पड़ेंगे चक्कर, यहां मिलेगा
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आने वाले समय में बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परिजनों को नगर या ग्राम पंचायतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जल्द ही प्रदेश के सभी अस्पतालों में बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र मिलना शुरू हो जाएंगे। अस्पताल में पैदा होते ही बच्चे का आधार कार्ड भी बन जाएगा।
जो उसके जन्म प्रमाणपत्र से लिंक रहेगा। जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे के माता पिता का आधार नंबर भी दर्ज होगा। स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती दौर में इस योजना को फिलहाल राजधानी के कमला नेहरू अस्पताल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया था।
पायलेट प्रोजेक्ट के सफल संचालन के बाद अब विभाग इसे इस योजना को लागू करने की तैयारी कर रहा है। निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. बलदेव कुमार ने बताया कि यह योजना हरियाणा में लागू हो चुकी है।
यूआईडी के साथ मिलकर लागू होने वाली इस योजना को पूरी तरह लागू करने के लिए बैच बनाकर कर्मचारियों को ट्रेनिंग के लिए हरियाणा भेजा जा रहा है। जैसे जैसे कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिल जाएगी, वैसे ही प्रदेश भर में इसे लागू किया जाएगा।
जन्म प्रमाणपत्र की गड़बडी पर लगेगा अंकुश
केएनएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एलएस चौधरी ने बताया कि इस योजना के लागू होने से जन्म प्रमाणपत्र जारी होने की गड़बड़ी पर अंकुश लगेगा। बच्चे का आईडी प्रूफ बनवाने और उसका जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए परिवार वालों को दौड़भाग भी नहीं करनी पड़ेगी।
योजना से जुड़ी पूजा डोगरा ने बताया कि अभी तक बच्चे के जन्म के बाद जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए संबंधित अस्पताल से सर्टिफिकेट लेकर नगर पालिका या परिषद या पंचायतों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
लेकिन अब जिस सरकारी अस्पताल में बच्चा पैदा होगा, उसी अस्पताल से बच्चे को आधार नंबर या आधार एनरोलमेंट नंबर युक्त जन्म प्रमाण पत्र भी मिल जाएगा।