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राशन डिपो और एसएमसी के माध्यम से विद्यार्थियों को पहुंचाए जाएंगे नोट्स
Fri, 14 Aug 2020 01:35 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 14 Aug 2020 01:35 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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स्मार्ट मोबाइल फोन न होने और कमजोर नेटवर्क के कारण पढ़ाई बंद न हो, इसके लिए विद्यार्थियों तक राशन डिपो और एसएमसी के माध्यम से नोट्स पहुंचाए जाएंगे। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षण सामग्री पहुंचाने को उच्च शिक्षा निदेशालय ने कमर कस ली है। नजदीक रहने वाले बच्चों के घरों में शिक्षक खुद भी नोट्स देंगे। पंचायत घरों तक भी नोट्स पहुंचाने की योजना बनाई गई है। नोट्स बनाने के लिए वीरवार से शिक्षकों को स्कूलों में बुलाना शुरू कर दिया गया है।
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प्रिंसिपल और हेडमास्टर जरूरत के हिसाब से सामाजिक दूरी का पालन करते हुए विषयवार शिक्षकों को स्कूलों में बुलाएंगे। स्कूल में नोट्स तैयार कर इन्हें बच्चों तक पहुंचाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। अगर कोई विद्यार्थी काफी दूर रहता है तो उसके गांव के राशन डिपो तक नोट्स पहुंचाए जाएंगे। अभिभावक को फोन पर इसकी सूचना दी जाएगी। अगर कोई अभिभावक स्वयं स्कूल आकर नोट्स लेना चाहता है तो उन्हें भी यह सुविधा दी जाएगी। अगर स्कूल के नजदीक बच्चा रहता है तो उसे शिक्षक घर जाकर नोट्स देंगे।
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बच्चों की पढ़ाई की एक-दो दिन बाद समीक्षा भी की जाएगी। शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले और नजदीक के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के घरों में जाकर उनकी समीक्षा करेंगे। बच्चों और अभिभावकों से बातचीत के आधार पर रिपोर्ट बनाकर निदेशालय भेजी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि स्मार्ट मोबाइल फोन से वंचित और कमजोर नेटवर्क की समस्या से जूझ रहे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए नोट्स देने का फैसला लिया है। जहां शिक्षक स्वयं जा सकेंगे, वहां घरों में नोट्स देंगे। जिन क्षेत्रों में बच्चे दूर रहते होंगे, वहां राशन डिपो में नोट्स पहुंचाए जाएंगे।
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