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एक साल बीत गया, सीएम की इस योजना पर अफसरों ने लगा दिया ग्रहण

Sat, 04 Feb 2017 09:15 AM IST
अनिमेष कौशल/अमर उजाला, शिमला
अनिमेष कौशल/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 04 Feb 2017 09:15 AM IST
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Not a single school is set up in himachal pradesh under mukhya mantri adarsh vidyalaya yojna

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए बर्नाई गई योजनाएं फाइलों में ही दफन हो गई हैं। सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री नित नई घोषणाएं कर रहे हैं लेकिन प्रदेश की अफसरशाही इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए कतई गंभीर नहीं है। 

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साल 2016 के बजट भाषण में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना शुरू करने की घोषणा की थी। योजना के तहत प्रदेश के 68 विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो मॉडल स्कूल खोले जाने थे। मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम बनने थे। खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए काम किया जाना था। 

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सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदला जाना था

Not a single school is set up in himachal pradesh under mukhya mantri adarsh vidyalaya yojna

कॉन्वेंट स्कूलों को टक्कर देने के लिए पहले चरण में हर विधानसभा क्षेत्र में दो मॉडल स्कूल खुलने थे। योजना के सफल रहने पर मॉडल स्कूलों की संख्या बढ़ाई जानी थी। लेकिन, दुर्भाग्यपूर्ण है कि घोषणा होने के करीब एक साल बाद भी हिमाचल में एक मॉडल स्कूल भी नहीं खुल सका है। 

अफसरशाही की लेटलतीफी के चलते सरकारी स्कूलों का स्वरूप बदलने के लिए की गई बजट घोषणा फाइलों में ही घूमने को मजबूर है। योजना के तहत प्रदेश के सभी विधायकों से मॉडल स्कूल बनाने के लिए प्राथमिकता ली जानी थी। अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कवर करने वाले सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को मॉडल स्कूल में बदला जाना था।

कॉलेजों में शुरू नहीं हो पाई वोकेशनल डिग्री

Not a single school is set up in himachal pradesh under mukhya mantri adarsh vidyalaya yojna

साल 2016 के बजट भाषण में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दस कॉलेजों में बैचलर ऑफ वोकेशनल डिग्री की पढ़ाई शुरू करने की घोषणा भी की थी। लेकिन शैक्षणिक सत्र 2016-17 में किसी भी कॉलेज में वोकेशनल कोर्स शुरू नहीं हो सका। 

हालांकि इस योजना को लेकर अफसरों ने कुछ गंभीरता जरूर दिखाई लेकिन जब तक प्रदेश के अफसर जागे, कॉलेज में सत्र शुरू हो गया था। ऐसे में वीवॉक करने के लिए विद्यार्थी ही नहीं मिल सके। अब शैक्षणिक सत्र 2017-18 से डिग्री शुरू करने की योजना है।

लैपटॉप, वर्दी और किताब आवंटन में अव्वल
दसवीं और जमा दो कक्षा के दस हजार मेधावी विद्यार्थियों को बीते साल समय से लैपटॉप दिए गए। सरकार की ओर से पहली से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को निशुल्क वर्दी भी समय से उपलब्ध करवाई गई। 

निशुल्क किताबों के आवंटन को लेकर भी विभागीय अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाई। साल 2015 के दौरान इन तीनों क्षेत्रों में भी अफसरों ने बहुत देरी से काम किया था। 

मुख्यमंत्री आदर्श विद्यालय योजना लागू करने के लिए लगभग तैयारी है। मॉडल स्कूल में तब्दील करने वाले स्कूलों का चयन कर लिया गया है। जल्द ही मॉडल स्कूलों की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। -आरडी धीमान, प्रधान सचिव शिक्षा

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