होमगार्ड जवानों पर आई नई मुसीबत, सरकार नहीं दे रही सैलरी
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आसमान छू रही महंगाई के बीच हिमाचल में होमगार्ड के हजारों जवानों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। इस कारण जवानों को दो वक्त की रोटी का बंदोबस्त करना और परिवार का भरणपोषण करना मुश्किल हो गया है।
होमगार्ड जवानों का कहना है कि हर जगह उनसे से काम लिया जा रहा है लेकिन वेतन समय पर नहीं मिल पाता। जवानों ने बताया कि दो महीनों से मासिक वेतन नहीं दिया है। इस वजह से होमगार्ड और उनके परिवार के सदस्यों का जीना दूभर हो गया है।
होमगार्ड के ज्यादातर जवान विजिलेंस, सीआईडी, कानून व्यवस्था, ट्रैफिक, सम्मन की तामिल करवाने आदि के काम में जुटे हैं। अकेले जिला शिमला में करीब 400 जवान वेतन से महरूम हैं और प्रदेश में इनकी संख्या करीब तीन हजार है।
जवान बोले बिना वेतन काम करवा रही सरकार
जिला शिमला होमगार्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश नेगी ने कहा कि नवंबर और दिसंबर माह का वेतन अभी तक अदा नहीं किया है। इससे सीधे तौर पर तीन हजार होमगार्ड और उनके पारिवारिक सदस्यों में भूखे मरने की नौबत आ गई है।
इस महकमे का गठन 1962 से हुआ था लेकिन अभी तक स्थायी नीति नहीं बनी है। एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से निवेदन किया है कि उनके लिए स्थायी पालिसी बनाई जाए और एक ही जगह नियुक्ति दी जाए। एसोसिएशन ने मांग की है कि जवानों का वेतन जल्द रिलीज किया जाए।
इसके अलावा एसोसिएशन के लंबित पड़ी अन्य मांगों को भी सरकार पूरा करे। उन्होंने कहा कि अधिकतर होमगार्ड जवान पूरा जीवन नौकरी करने के बाद बाद में बिना पेंशन के रिटायर हो जाता है। सरकार को चाहिए कि होमगार्ड जवानों के लिए स्थायी नीति बनाकर उन्हें प्रोत्साहित करें। होमगार्ड भी पुलिस जवानों के साथ प्रदेश के भीतर कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दे रहे हैं।