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कुल्लू: कुर्सी पर उठाकर नौ किलोमीटर दूर मैल गांव तक पहुंचाई महिला
Wed, 16 Nov 2022 05:32 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, न्यूली (कुल्लू)
संवाद न्यूज एजेंसी, न्यूली (कुल्लू)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 16 Nov 2022 05:32 PM IST
सार
ग्रामीणों ने पहले महिला को कुर्सी पर उठाकर नौ किमी दूर जंगला बिहाली तक लाया। जहां से महिला को वाहन से कुल्लू अस्पताल लाया गया।
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महिला को कुर्सी पर उठाकर अस्पताल ले जाते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सैंज घाटी की दुर्गम पंचायत गाड़ापारली के ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गाड़ापारली पंचायत के मैल गांव की महिला तारा देवी को ग्रामीणों ने कुर्सी पर उठाकर पहले नौ किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाया उसके बाद अस्पताल में उपचार करवाने के बाद वापिस फिर सड़क से गांव तक पहुंचाया।
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जानकारी के अनुसार तारा देवी पैर फिसलने के बाद गिर गई थी और उसकी टांग में फ्रेक्चर आया था। ग्रामीणों ने पहले महिला को कुर्सी पर उठाकर नौ किमी दूर जंगला बिहाली तक लाया। जहां से महिला को वाहन से कुल्लू अस्पताल लाया गया, जहां महिला को प्लास्टर चढ़ाया गया। प्लास्टर चढ़ने के बाद तारा देवी चलने फिरने में असमर्थ थी।
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ग्रामीणों महिला को अस्पताल से वापस गांव में ले गए। जंगला बिहाली तक तो महिला वाहन से पहुंच गई, लेकिन आगे का सफर चुनौती पूर्ण था। ऐसे में ग्रामीणों के पास एक ही विकल्प था कि कुर्सी में डंडों को बांध उठाकर महिला को मैल गांव तक पहुंचाया जाए। ग्रामीणों ने नौ किलोमीटर की चढ़ाई महिला को कुर्सी पर उठाकर ही पार की।
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गाड़ापारली पंचायत के वार्ड पंच रमेश धामी, पूर्व उप प्रधान लिखित राम, संतोष कुमार, खीमी राम, देवराज, फतेह चंद, चेतराम, सुभाष चंद्र ने कहा कि सड़क निकालने के लिए ग्रामीणों ने कई बार सरकार और विभाग के पास गुहार लगाई। लेकिन आज तक उनकी बात नहीं सुनी गई। गाड़ापारली पंचायत के लिए सड़क सिर्फ कागजों तक सीमित है। ग्राम पंचायत गाड़ापारली की प्रधान यमुना देवी ने कहा कि पंचायत की ओर से लोक निर्माण विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।