शिमला आने पर अभी नहीं लगेगा ग्रीन टैक्स
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शिमला शहर में बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों से ग्रीन टैक्स वसूलने का नगर निगम का सपना चकनाचूर हो गया है। ग्रीन टैक्स पर नेशनल हाइवे की आपत्ति को दूर करने के लिए नगर निगम की रिवाइज ड्राइंग को खारिज कर दिया गया है।
नगर निगम ने सड़क में ही बैरियर लगाने का प्रस्ताव एनएच को भेजा लेकिन यह नियम के विपरीत था। इसी पर पहले भी केंद्रीय मंत्रालय ने आपत्ति जताई थी। इन आपत्तियों को दूर करने की जगह फिर से नगर निगम ने सड़क पर ही बैरियर लगाने की इच्छा जताई।
एनएच के साफ इन्कार के बाद अब शहर में ग्रीन टैक्स फीस वसूलने का ख्वाब पूरा होता नजर नहीं आ रहा।
कोर्ट तक पहुंच चुका है मामला
ग्रीन टैक्स में बाहरी राज्यों की नंबर वाली गाड़ियों से शहर में प्रवेश को लेकर फीस वसूल की जाती है। इसके दायरे में वे लोग भी आते हैं जो शहर में रहते हैं लेकिन उनके पास बाहरी नंबर की गाड़ियां हैं। यह ग्रीन टैक्स बैरियर ओल्ड बैरियर, टुटू तारादेवी और मैहली में लगाए गए थे।
नेशनल हाइवे ने ग्रीन टैक्स वसूली पर रोक लगा दी थी। टैक्स बैरियर के नाम पर तारादेवी में केवल रस्सी लगा रखी थी। इस वजह से सारा ट्रैफिक रुक जाता था। इस वजह से टैक्स देने वालों तथा स्थानीय लोगों को दिक्कत आ रही थी। मौके पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती थीं।
इसी दौरान मामला अदालत में पहुंचा। अदालत ने नगर निगम को औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए। इसी के तहत निगम को नेशनल हाइवे स्तर का बैरियर बनाना था, इसी की ड्राइंग एनएच को भेजी गई थी। नगर निगम आयुुक्त अमरजीत सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले को पुन: देखेंगे।
खाते में एक साल में आने थे 6 करोड़
निगम ने 15 सितंबर 2012 को शहर में ग्रीन टैक्स लागू किया था। 24 अगस्त 2012 को केंद्र सरकार की ओर से ग्रीन फीस लगाने के लिए अनुमति दी गई थी। इसका ठेका एक निजी कंपनी को दिया गया। यह छह करोड़ का सालाना टेंडर था, लेकिन ग्रीन टैक्स विवादों में रहा। शुरुआती समय में ही आपत्तियों के कारण बंद हो गया।
सुविधा के बदले है ग्रीन टैक्स फीस
नगर निगम का दावा है कि बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले पर्यटकों को नगर निगम मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। इसके बदले निगम को फूटी कौड़ी नहीं मिलती। आय बढ़ाने के मकसद से यह शुल्क लिया जाएगा। नगर निगम का कहना है कि बाहरी राज्यों से शिमला आने वाले पर्यटकों को जहां पार्किंग, शौचालय इत्यादि की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, वहीं सैलानी पर्यटक स्थल शिमला ऐतिहासिक धरोहर से भी रुबरु हो सकेंगे।
एनएच के सहायक अभियंता विजय चौहान ने कहा कि नगर निगम ने रिवाइज ड्राइंग में सड़क पर ही बैरियर लगाने की अनुमति मांगी। इसी वजह से पहले मंत्रालय ने इस पर आपत्ति लगाई थी। इसी आपत्ति को दूर करना था, लिहाजा इसे खारिज कर दिया गया है।