कांग्रेस विधायक दल नहीं चुन पाया नेता प्रतिपक्ष, अब राहुल करेंगे फैसला
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नेता प्रतिपक्ष के चुनाव के लिए कांग्रेस विधायक दल की शिमला में हुई बैठक में कोई फैसला नहीं हो पाया। इस बहुप्रतीक्षित बैठक में एक सिंगल लाइन प्रस्ताव पारित किया गया।
इसमें तय किया गया है कि सीएलपी नेता पर फैसला कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ही लेंगे। इस प्रस्ताव को कांग्रेस के राज्य प्रभारी सुशील कुमार शिंदे और पर्यवेक्षक बाला साहेब थोराट ने राहुल गांधी को भेज दिया है। अब राहुल इस पर जल्द ही कोई निर्णय लेंगे।
राजीव भवन में वीरवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक ढाई बजे बुलाई गई थी, मगर ये तय समय से दो घंटे बाद ही शुरू हो पाई।
इससे पहले कांग्रेस के 15 विधायक हॉली लॉज शिमला पहुंचे और वीरभद्र सिंह से भेंट की। कांग्रेस के राज्य प्रभारी सुशील कुमारी शिंदे और पर्यवेक्षक बाला साहब थोराट भी हॉली लॉज पहुंचे।
वहां उन्होंने वीरभद्र सिंह से अलग-अलग बैठक की। इसके बाद करीब साढ़े चार बजे वीरभद्र सिंह समेत तमाम विधायक कांग्रेस कार्यालय पहुंचे।
यहां पांच विधायक पहले से ही बैठक के लिए पहुंच गए थे। कांग्रेस के सभी 21 विधायकों की मौजूदगी में वीरभद्र सिंह ने प्रस्ताव रखा है कि नेता प्रतिपक्ष पर कोई भी निर्णय हाईकमान ही लेगा।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी इसी तरह का प्रस्ताव रखा। इसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। बैठक के बाद शिंदे ने कहा है कि राहुल गांधी को सिंगल लाइन प्रस्ताव की प्रति भेज रहे हैं। वे ही तय करेंगे कि किसे नेता प्रतिपक्ष बनाना है।
शिंदे ने एक-एक करके विधायकों से पूछी राय
प्रभारी शिंदे ने पर्यवेक्षक बाला साहेब थोराट की उपस्थिति में सभी विधायकों को एक-एक करके पूछा कि वे किसका समर्थन करते हैं।
सूत्रों की मानें तो 18 विधायकों ने वीरभद्र सिंह को ही नेता प्रतिपक्ष बनाने की बात की है। ये पहले ही इस बारे में हाईकमान को पत्र लिख चुके हैं, जबकि पांच विधायकों की इस पर अलग-अलग राय है।
वीरभद्र के अलावा कोई और भी हो सकता है नेता प्रतिपक्ष
वीरभद्र के अलावा कोई और भी नेता प्रतिपक्ष हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि अगर किन्हीं कारणों से वीरभद्र सिंह विपक्ष के नेता नहीं बनते हैं तो पूर्व संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री उनके खेमे की पहली पसंद हो सकते हैं।
चर्चा में वीरभद्र खेमे के नेता व पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर का नाम भी चल रहा है। कुछ विधायक सुक्खू को कमान सौंपने की भी बात कर रहे हैं। हालांकि, सुक्खू कहते हैं कि ये फैसला राहुल को ही लेना है। वे पीसीसी अध्यक्ष के पद पर ही ठीक हैं।