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क्या आपने पढ़ीं शिमला की ये 7 बड़ी खबरें, क्लिक कर पढ़ें
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 21 Dec 2016 10:01 AM IST
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1. मई 2017 में मिलेगा नई लिफ्ट का तोहफा
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शिमला सर्कुलर रोड से मालरोड को जोड़ने वाली नई लिफ्ट का आरसीसी का काम मार्च माह से शुरू होगा। सर्दी में लैंड डेवलपमेंट के लिए पहाड़ी की कटिंग का काम किया जाएगा। एक हफ्ते में कटिंग का काम शुरू होने की संभावना है। मई 2017 तक नई लिफ्ट तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। पुरानी लिफ्ट का भी कायाकल्प किया जाएगा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने गत नवंबर माह में लिफ्ट प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी और लिफ्ट का पहाड़ी शैली में निर्माण करने के आदेश दिए थे।
मालरोड के एंट्री प्वाइंट पर बनने वाली नई लिफ्ट के लिए लैंड डेवलपमेंट का काम शुरू करने की तैयारी है। पर्यटन विभाग ने लिफ्ट तैयार करने वाले ठेकेदार को सर्दी के मौसम में लैंड डेवलपमेंट का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा लिफ्ट के बगल में ही नई लिफ्ट लगाई जानी है। कोल्ड जोन होने के कारण यहां धूप कम लगती है और सर्दी के मौसम में आरसीसी का काम नहीं हो सकता इसलिए इस दौरान यहां पहाड़ की कटिंग का काम किया जाएगा।
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मार्च माह में मौसम खुलने के बाद आरसीसी का काम शुरू होगा और आरसीसी का काम पुरा होने के बाद मेकेनिकल काम शुरू किया जाएगा। लिफ्ट के बीच में पैदल चलने वाले स्थान पर सुरक्षा बंदोबस्त पुख्ता करने के लिए कवर किया जाएगा। नई लिफ्ट के निर्माण और मौजूदा लिफ्ट के जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट पर साढ़े छह करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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सर्दी में होगा लैंड डेवलपमेंट का काम
मालरोड के लिए बनने वाली नई लिफ्ट के लैंड डेवलपमेंट का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा। सर्दी के मौसम में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। मौसम खुलने के बाद आरसीसी और मेकेनिकल वर्क होगा। निर्धारित समय के भीतर लिफ्ट का निर्माण कार्य पूरा कर दिया जाएगा।- हरीश जनारथा, उपाध्यक्ष, पर्यटन विकास निगम
2. 16 साल बाद खनन के लिए पट्टे पर दिए जाएंगे नदी, नाले
खनन माफिया पर शिकंजा कसने की बड़ी तैयारी कर दी गई है। शिमला में सोलह साल बाद नदी और खड्डों के किनारे रेत को पट्टे पर देने की तैयारी कर दी गई है। नदी के किनारे खनन पर पाबंदी के बाद अवैध खनन का ग्राफ काफी बढ़ गया और चोरी छिपे चल रहे इस गोरखधंधे से सरकार के खजाने पर भी अच्छी खासी चपत लगी है।
एक बार फिर से उसी प्रणाली को शुरू करने से सरकार को भी राजस्व मिलेगा और अवैध खनन के मामलों में भी कमी आने की उम्मीद महकमा जता रहा है। इस कड़ी में महकमे की टीम ने संयुक्त निरीक्षण कर लिया है इसकी फिजिबल रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा रही है। जिला शिमला में रोहडू, रामपुर, ठियोग और चौपाल में नदी और खड्डों के किनारे रेत की नीलामी की जा सकती है।
टीम ने रोहडू में पब्बर खड्ड , रामपुर में सतलुज के किनारे बीथल तक और ठियोग में गिरी के किनारे संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की गई है। रोहडू में पब्बर खड्ड के किनारे रेत निकालने पर सरकार ने पाबंदी लगा रखी है। अब टीम रिपोर्ट को स्टेट जियोलोजिकल को सौंपेंगी। रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद रेत की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जिला खनन अधिकारी शैलजा चौधरी ने पूछने पर बताया कि शिमला के तीन विकास खंडों में संयुक्त निरीक्षण किया जा चुका है। इसकी फिजीबलटी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा रही है। इसके बाद ही साफ तौर पर कुछ कहा जा सकता है।
3. दो महीने में पकड़े 32 मामले
जिला खनन विभाग ने अक्तूबर और नवंबर में अवैध खनन और अवैध ट्रांसपोटेशन के 32 मामले पकड़े हैं। यह मामले चौपाल , सुन्नी , रोहडू और रामपुर में पकड़े गए। आरोपियों से 2 लाख 54 हजार 600 सौ रुपये जुर्माना भी वसूल किया गया। जिला में केवल दो खनन रक्षक हैं। इनमें से एक की तैनाती रामपुर में है और दूसरा खनन रक्षक शिमला में है। इसके अलावा जिला मुख्यालय में दो असिस्टेंट माइनिंग इंस्पेक्टर और एक गार्ड की तैनाती है। जुंगा, सुन्नी, ठियोग, चौपाल, चढ़गांव, जुब्बल, नारकंडा में कहीं भी खनन रक्षक नहीं है। गिनती के स्टाफ के बूते कैसे महकमा, शिमला में खनन माफिया पर नकेल कसेगा, इसका जवाब किसी से देते नहीं बनता। हालांकि मौजूदा समय में प्रदेश भर के लिए 41 कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है।
4. बीसीएस में वाहनों के शीशे तोड़ डाले
शहर में शरारती तत्वों ने तीन गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले। बीसीएस में तारा माता मंदिर के समीप पार्क दो कारों और एक वाटर टैंक को शरारती तत्वों ने निशाना बनाया । दो कारों के अगले और पिछले तथा साइड के शीशे तोड़े। वाटर टैंकर का अगला शीशा भी तोड़ डाला। सोमवार रात को इस घटना को अंजाम दिया गया। गाड़ियों के मालिकों ने न्यू शिमला थाना में शिकायत दी है। शिमला में गाड़ियों के शीशे तोड़ने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी संजौली, कैथू और ताराहाल क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जाता रहा है। पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
5. सड़क पर बह गया पब्लिक के हिस्से का पानी
शहर में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं और पब्लिक के हिस्से का पानी सड़क पर व्यर्थ बह रहा है। सोमवार रात संजौली से कलेस्टन जाने वाली 10 इंच की मेन लाइन में लीकेज हो गई। रात भर आकलैंड स्कूल के गेट से लेकर आकलैंड टनल तक पानी सड़क पर बहता रहा। सप्लाई न पहुंचने के कारण पानी के टैंक खाली रहने से मंगलवार को इलाके में सप्लाई नहीं हो पाई।
मंगलवार को दिन भर लाइन की मेंटेनेंस का काम चला रहा। मंगलवार रात पानी लाइन दुरुस्त होने के बाद कलेस्टन टैंक में पानी स्टोर किया गया। दो दिन पहले भी इस लाइन में लीकेज हुई थी, उस समय खानापूर्ति के लिए लाइन की मरम्मत कर दी गई। अगर पहले ही लाइन की सही मरम्मत कर दी जाती तो पब्लिक का पानी सड़क पर व्यर्थ न बहता।
6. स्वरोजगार प्राप्त युवाओं की जानकारी करें साझा
स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की जानकारी खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड और जिला उद्योग केंद्र को आपस में साझा करनी चाहिए। यह बात अतिरिक्त उपायुक्त शिमला राकेश प्रजापति ने स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान शिमला की परामर्श समिति की बैठक में कही। उन्होंने बताया कि इस तरह से युवाओं को स्वरोजगार प्राप्त करने के लिए परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि खंड विकास अधिकारी राष्ट्रीय आजीविका मिशन, केवीआईसीए, केवीआईवी और अन्य संस्थाओं की ओर से कौशल विकास के लिए कार्य किए जा रहे हैं। विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी आपस में सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करनी चाहिए। एजीएम आरबीआई रवि रावल, एलडीएम यूको बैंक एसबी मिश्रा, परियोजना अधिकारी डीआरडीए सुरेश कुमार सिंघा, जिला आजीविका मिशन अधिकारी एचआर महाजन, प्रबंधक डीआईसी एसआर मेहता इस दौरान मौजूद रहे।
7. डीडीयू में एक घंटा लेट मिल रही टेस्ट की रिपोर्ट
डीडीयू अस्पताल में मरीज परेशान हैं। अस्पताल में खुली सरकारी लैब में मरीजों को इन दिनों तीन बजे टेस्ट की रिपोर्ट दी जा रही है। रिपोर्ट देरी से देने के कारण मरीजों को अगले दिन का इंतजार कर डॉक्टरों को रिपोर्ट दिखानी पड़ रही है। इससे मरीजों का इलाज देरी से शुरू हो रहा है। अस्पताल में इससे पहले मरीजों को दो बजे रिपोर्ट दी जाती थी, लेकिन अब रिपोर्ट तीन बजे दी जा रही है।
मरीजों का कहना है कि देरी से रिपोर्ट आने से इसे अगले दिन डॉक्टर को दिखाना पड़ रहा है। इससे मरीजों का पैसा और समय तक बर्बाद हो रहा है। अब जैसे ही मरीजों को तीन बजे रिपोर्ट देने की बात पता चल रही है तो मरीज पर्ची लेकर रेडक्रॉस या निजी लैब की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में अस्पताल की आरकेएस को आने वाली इनकम को भी इसका नुकसान होगा। अस्पताल में रोजाना औसतन सौ से एक सौ बीस करीब मरीज टेस्ट करवाने के लिए लैब पहुंचते हैं।