HRTC ने भर्ती किए बाबुओं के बेटे, भाई और भतीजे, बड़ा गड़बड़झाला
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एचआरटीसी की कंडक्टर भर्ती के बाद अब 39 जूनियर टेक्निकल ऑफिसरों की भर्ती संदेह के घेरे में है। एचआरटीसी मजदूर संघ का आरोप है कि इस भर्ती में चहेतों को फायदा दिया गया है। अफसरों और एचआरटीसी के बाबुओं के बेटे, भाई और भतीजों को नौकरी दी गई है। जूनियर टेक्निकल ऑफिसरों का यह चयन बिना भर्ती और पदोन्नति नियमों के किया गया है।
इन अधिकारियों के चयन को सरकार से भी अनुमति नहीं ली गई है। इससे स्पष्ट होता है कि भर्ती में न तो नियमों की परवाह की गई और न ही कोई पारदर्शिता बरती गई है। रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन एक्ट-1950 की धारा 45 कहती है कि ऐसी किसी भी भर्ती से पहले सरकार की अनुमति ली जानी आवश्यक है। चहेतों को नौकरियां बांटने के गोरखधंधे को अंजाम दिया गया है। इससे पूर्व कंडक्टर भर्तियों में भी रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन एक्ट- 1950 का उल्लंघन किया गया था।
HRTC में बड़े पद पर तैनात अधिकारी के बेटे को दी गई नौकरी
इसके आधार पर ही उच्च न्यायालय ने कंडक्टर भर्तियां रद्द कर दी थीं। अब 27 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी इन भर्तियों को रद्द करने के आदेश दिए हैं। एचआरटीसी मजदूर संघ के अध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी के बड़े पद पर तैनात एक अधिकारी के बेटे को भी नौकरी दी गई है। निगम में तैनात पांच में से सात कर्मचारियों के भाई, भतीजों को नौकरी दी गई।
उन्होंने भर्ती के खिलाफ कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। परिवहन निगम के प्रधान सचिव संजय गुप्ता ने बताया कि जूनियर टेक्निकल ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया निगम प्रबंधन स्तर पर हुई है। इस बारे में सरकार को कोई शिकायत नहीं मिली है। वैसे भी इसकी फाइल सरकार को नहीं आती है। उधर, परिवहन निगम के सीजीएम एचके गुप्ता ने कहा कि यह भर्ती उनके स्तर पर नहीं हुई है।