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हमीरपुर: युद्धपोत आईएनएस हादसे में हिमाचल का जवान सुरेंद्र शहीद, गांव में शोक की लहर
Wed, 19 Jan 2022 06:07 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिझड़ी (हमीरपुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, बिझड़ी (हमीरपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 19 Jan 2022 06:07 PM IST
सार
भारतीय नौसेना मे एमसीपीओ रैंक के अधिकारी सुरेंद्र ढटवालिया की शहादत का दुखद समाचार जैसे ही उनके पैतृक गांव सठवीं में पता चला, तो पूरा गांव गम में डूब गया। शहीद जवान अपने पीछे माता केहरो देवी, पत्नी नीलम कुमारी एवं दो बेटियां अंशिका तथा काजल को छोड़ गए।
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सुरेंद्र ढटवालिया
- फोटो : संवाद
विस्तार
नौसेना डॉकयार्ड मुंबई में मंगलवार को युद्धपोत आईएनएस रणवीर में हुए अचानक धमाके में हमीरपुर जिले के उपमंडल बड़सर के सठवीं गांव के जवान सुरेंद्र ढटवालिया(47) भी शहीद हुए हैं। इस धमाके में नौसेना के तीन जवान शहीद हुए हैं, वहीं 11 नौसैनिक घायल हुए हैं।
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भारतीय नौसेना मे एमसीपीओ रैंक के अधिकारी सुरेंद्र ढटवालिया की शहादत का दुखद समाचार जैसे ही उनके पैतृक गांव सठवीं में पता चला, तो पूरा गांव गम में डूब गया। शहीद जवान अपने पीछे माता केहरो देवी, पत्नी नीलम कुमारी एवं दो बेटियां अंशिका तथा काजल को छोड़ गए।
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ढटवालिया पिछले 28 वर्षों से भारतीय नौसेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। एसडीएम बड़सर शशि पाल शर्मा ने बताया कि शहीद की पार्थिव देह बुधवार रात दिल्ली पहुंची है। परिजन पार्थिव देह को लाने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं। वीरवार को शहीद का अंतिम संस्कार हो सकता है।
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गौर हो कि आईएनएस रणवीर पूर्वी नौसेना कमान से नवंबर 2021 से क्रॉस कोस्ट ऑपरेशनल तैनाती पर था और जल्द ही बेस पोर्ट पर लौटने वाला था। विस्फोट कैसे हुआ इसके कारणों की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इनक्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं।
विध्वंसक आईएनएस रणवीर 28 अक्तूबर, 1986 को भारतीय नौसेना में शामिल हुआ था। हथियारों और सेंसर से लैस यह 30 अधिकारियों और 310 नाविकों के एक दल द्वारा संचालित है। इसमें सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल, विमान भेदी और मिसाइल रोधी टारपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेट लांचर हैं।