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वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता, तैयार किया देश का पहला स्वदेशी कारनेशन फूल

Tue, 19 Apr 2016 11:00 AM IST
अर्चना जनदेव/अमर उजाला, सोलन
अर्चना जनदेव/अमर उजाला, सोलन Updated Tue, 19 Apr 2016 11:00 AM IST
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Nauni University produce first indian Carnation flower.
दावा किया जा रहा है भारतीय प्रजाति का यह कारनेशन फूलों की खेती में क्रांति लाएगा। - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल की नौणी विवि के वैज्ञानिकों ने देश का पहला कारनेशन फूल (विदेशी फूल) तैयार करने का गौरव हासिल किया है। दावा किया जा रहा है भारतीय प्रजाति का यह कारनेशन फूलों की खेती में क्रांति लाएगा। यूटेशन तकनीक विधि द्वारा तैयार इस फूल का रंग लाल है।

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वर्तमान समय में कारनेशन फूलों में सबसे ज्यादा बिकने वाली प्रजाति भी है। वही नौणी विवि ने इसे पेटेंट करने की कवायद छेड़ दी है। प्रदेश में की जा रही फूलों की खेती में सबसे ज्यादा 60 प्रतिशत कारनेशन की खेती की जाती है।
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इसलिए खास है यह फूल
नौणी विवि के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किया यह फूल इसलिए भी खास है क्योंकि इस नई प्रजाति में बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बहुत अधिक है। जो इसे खास बनाता है। इसके साथ ही इस फूल का तना दूसरे फूलों के मुकाबले बेहद मोटा है। इससे इस फूल के स्वस्थ होने का प्रमाण मिलता है। वहीं इस फूल के एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाते वक्त टूटने का खतरा भी कम रहता है।

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यहां जानिए क्या है न्यूटेशन विधि

Nauni University produce first indian Carnation flower.
न्यूटेशन विधि से फूल के रूटेड़ हिस्से को टिश्यू कल्चर से विकिरण तकनीक द्वारा तैयार किया है।

न्यूटेशन विधि से फूल के रूटेड़ हिस्से को टिश्यू कल्चर से विकिरण तकनीक द्वारा तैयार किया है। इसमें वैज्ञानिकों का लंबा शोध कार्य चला है। कारनेशन एक विदेशी पुष्प है। इसके भारत में तैयार होने के बाद से किसानों को इस पुष्प के पौधे आसानी से कम कीमत पर मिल सकेगी।

60 प्रतिशत खेती कारनेशन फूल की
प्रदेश में वर्तमान समय में लगभग 913 हेक्टेयर भूमि में पुष्प की खेती की जा रही है। इसमें से 60 प्रतिशत खेती कारनेशन की विभिन्न प्रजातियों की होती है। इसके बीज विदेशों से आयात किए जाते हैं। सबसे अधिक बिकने वाले कारनेशन फूलों में हाईब्रेटी, फलोरीवंडा, कलाईबिंगरोज और मिनिरोसेस आदि शामिल हैं।

शांडिल रखेंगे फूल का नाम : विजय सिंह

Nauni University produce first indian Carnation flower.
मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल

नौणी विवि की ओर से इस पुष्प को मंगलवार को रोज मेले के दौरान प्रदर्शनी के लिए रखा जाएगा। इसमें मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। वहीं इस फूल का नाम भी रखा जाएगा।

विवि के कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि विवि के लिए यह गर्व की बात है कि यहां के वैज्ञानिकों ने कारनेशन की पहली स्वदेशी किस्म को तैयार किया है।

किसानों को जल्द मिलेंगे पौधे : वाईसी गुप्ता
नौणी विवि के पुष्प एवं स्थल सौंदर्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वाईसी गुप्ता ने बताया कि कारनेशन फूल के तैयार पौधों को विवि द्वारा जल्द किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा।

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