शिमला के छह होटलों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की बड़ी कार्रवाई
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने राजधानी शिमला के छह होटलों पर बड़ी कार्रवाई है। ट्रिब्यूनल ने प्रदेश सरकार को शिमला शहर के उन 6 होटलों को तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं जिन्होंने एनजीटी के आदेशानुसार अपने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाये हैं।
इन होटलों में मुंडाघाट का पेसिफिक रिजार्ट, गांव संधोरा का मेसर्स सुदृश्य गेस्ट हाउस, ढली बाईपास पर दीपक गेस्ट हाउस, शोघी का मेसर्स हाइवे होम टूरिस्ट, कुफरी का स्नो शेल्टर और समरहिल का मेसर्स कैंप पॉटर हिल रिसॉर्ट्स शामिल है।
28 मार्च को पारित आदेशों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सभी होटलों को अपने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने को कहा था।
तीन महीने के भीतर प्लांट लगाने को कहा था
शिमला शहर में गंदे पानी के कारण फैले पीलिया पर लगाम लगाने के लिए जरूरी आदेशों की मांग को लेकर अभिमन्यु राठौर द्वारा दायर याचिका में एनजीटी ने यह आदेश पारित किये थे। सभी होटलों को तीन महीने के भीतर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने को कहा गया था।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पेश की गई स्टेट्स रिपोर्ट में शहर व इसके आसपास के 26 होटलों की लिस्ट सौंपी गई। इसमें बताया गया कि 8 होटलों ने ट्रीटमेंट प्लांट लगा दिए हैं जबकि 8 होटलों में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम जारी है।
तीन होटल सीवरेज लाइन से जुड़े हुए हैं। बोर्ड ने बताया कि जिन 8 होटलों ने प्लांट नहीं लगाये हैं उन्हें बंद करने हेतु जरूरी आदेश जारी किये गए हैं। ट्रिब्यूनल के आदेशों से पहले यह होटल सेप्टिक टैंक और सोक पिट्स में सीवरेज डाल रहे थे।