18 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा सरसों तेल, टेंडर आमंत्रित
प्रदेश के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को 25 अगस्त के बाद सरसों तेल मिलना शुरू हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने कंपनियों से तेल के टेंडर आमंत्रित करने के साथ-साथ तेल के सैंपल और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। रेट ज्यादा आने के कारण प्रदेश सरकार ने टेंडर रद् कर शार्ट टेंडर करने का फैसला लिया था।
नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित करने से इस महीने उपभोक्ताओं को समय पर तेल का कोटा नही मिल पाया है। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग का मानना है कि जो तेल के टेंडर किए थे, उस हिसाब से उपभोक्ताओं को 80 और 90 रुपये के बीच प्रति लीटर तेल मिलना था। बाजार में सरसों तेल की कीमत 110 और 125 रुपये प्रति लीटर के आसपास है। राशनकार्ड उपभोक्ताओं को महंगा तेल न लेना पड़े, इसलिए टेंडर को रद्द किया गया था।
इस कारण टेंडर रद्द किया था
सरकार कोशिश कर रही है कि उपभोक्ताओं को सरसों तेल 60 से 70 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दिया जाए। इसके चलते शार्ट टेंडर किए गए हैं। हिमाचल में साढ़े अठारह लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। जो डिपो से सरसों तेल और रिफाइंड लेते हैं।
पहले उपभोक्ताओं को डिपो में सरसों तेल 72 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से उपलब्ध करवाया जा रहा था। खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने कहा कि सरसों तेल के दाम ज्यादा आए थे, इस कारण टेंडर रद्द किया गया। अब खाद्य आपूर्ति निगम ने नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित की हैं। इसी महीने उपभोक्ताओं को डिपो में सस्ता तेल उपलब्ध कराया जाएगा।