अब शांता ने इस शहर के लिए मांगा नगर निगम का दर्जा
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धर्मशाला को नगर निगम बनाए जाने के बाद अब पालमपुर को भी नगर निगम बनाने की मांग उठी है। इस बारे में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शांता कुमार ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र लिखा है। वरिष्ठ भाजपा नेता ने पत्र में लिखा है कि पालमपुर शहर आए दिन कई समस्याओं को लेकर घिरता जा रहा है। शहर की आबादी केवल 3200 तक सिमट गई है। इसमें भी आधे से अधिक लोगों ने अपने घर साथ लगती पंचायतों घुग्घर, आईमा, लोहना और बंदला आदि में बना लिए हैं।
पालमपुर नगर परिषद तो नाम की रह गई है। यहां के मुख्य संस्थान और शिक्षा केंद्र पालमपुर से बाहर हैं। नगर परिषद के पांच किलोमीटर के दायरे में कृषि विश्वविद्यालय, श्री साईं विवि, केंद्रीय अनुसंधान केंद्र सीएसआईआर, तीन महाविद्यालय, 22 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, विवेकानंद अस्पताल और कुछ अन्य महत्वपूर्ण संस्थान हैं।
सीएम से की गुजारिश
पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले इन क्षेत्रों की आबादी करीब 55-60 हजार है। लिहाजा, अब पालमपुर नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा देना जरूरी है। कूड़ा की डंपिंग को उन्होंने कंटेनर के लिए सांसद निधि से 10 लाख रुपये भी दिए थे। लिखा है कि पालमपुर प्रदेश का तेजी से विकसित होने वाला पर्यटन नगर है।
पालमपुर नगर परिषद को नगर निगम में परिवर्तित करने का प्रस्ताव लंबे अरसे से विचाराधीन रहा है। किन्हीं कारणों से इस संबंध में कार्रवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने वीरभद्र सिंह के आग्रह किया है कि पालमपुर के विकास और यहां रहने वाले करीब 50 हजार लोगों की बुनियादी सुविधाओं की दृष्टि से पालमपुर को नगर निगम का दर्जा दिया जाना चाहिए।