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बंदर मारने पर मिलेगा पैसा, मगर पहले ये काम भी करना पड़ेगा

Fri, 02 Sep 2016 12:02 AM IST
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 02 Sep 2016 12:02 AM IST
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Monkey Killing in Himachal, read Guidelines.

हिमाचल में फसलों को नुकसान पहुंचाने और हमलावर बंदरों को मारने का मतलब है आ बैल मुझे मार। सरकार इसके लिए तीन सौ रुपये बतौर इनाम भी दे रही है, लेकिन खुद कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं।

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प्रदेश सरकार की जारी गाइडलाइन ने उलटा बंदर मारने वालों के हाथ बांध दिए हैं। जारी गाइडलाइन के मुताबिक बंदर को मारने वाले पर ही उसे दफनाने की भी जिम्मेदारी होगी। बंदरों को भले ही वर्मिन घोषित किया गया हो।
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लेकिन मारने के दौरान कुछ बिंदुओं को ध्यान में रखना होगा। नियमों के अनुसार बूढ़े, कमजोर, अपंग या बच्चे वाली मादा को नहीं मार सकेंगे। बंदर पर निशाना साधने से पहले शिकारी को पता करना होगा कि मादा बंदर कहीं गर्भवती तो नहीं।

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सारी जिम्मेदारी बंदर मारने वाले पर होगी

Monkey Killing in Himachal, read Guidelines.

बंदर अगर अपने बच्चे को सीने से चिपकाए हुए है तो उसे भी नहीं मारा जा सकता। खास बात ये है कि बंदर को ऐसे मारा जाए जिससे बंदर पर निर्दयता न हो, यह कैसे संभव है इसका जिक्र गाइडलाइन में नहीं है।

सबसे दिलचस्प बात यह कि बंदर मारने के दौरान या बाद में अगर कोई कानूनी विवाद हुआ तो उसकी जिम्मेदारी भी बंदर मारने वाले पर होगी। ऐसे मामलों में वन विभाग पार्टी नहीं बनेगा। बंदर मारने के बाद संबंधित रेंज अफसर, फॉरेस्ट गार्ड को सूचना देनी होगी।

पहले से गठित कमेटी की निगरानी में बंदर को चयनित जगह पर ही दफनाया जाएगा। बंदर मारने से लेकर दफनाने तक वन विभाग सिर्फ मॉनीटरिंग रोल में रहेगा।

ऐसे मिलेंगे तीन सौ रुपये

Monkey Killing in Himachal, read Guidelines.

बंदर मारने के बाद संबंधित क्षेत्र के फॉरेस्ट गार्ड, रेंज अफसर या डीएफओ को सूचित करना होगा। वन अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाएगा। इसके बाद बंदर को तय प्रक्रिया के तहत मारने वाले को दफनाना होगा। इसके बाद उसे तीन सौ रुपये बतौर प्रोत्साहन राशि मिलेंगे।

वर्मिन बंदरों को मारने के संबंध में एक प्रोटोकाल तैयार किया है। स्थानीय अफसरों के माध्यम से लोगों को इसकी जानकारी दी जा रही है ताकि मरने के बाद बंदर से किसी तरह की संक्रामक बीमारी न फैले। इसके लिए संबंधित रेंज व डिविजन के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं।- एसएस नेगी, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ

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