इसकी मदद से होगी अवैध निर्माण पर निगरानी : जयराम ठाकुर
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पोटेंशियल एप्लीकेशन इन हिमाचल प्रदेश पर शिमला में मंथन हुआ। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में न केवल अद्भुत आर्थिक क्षमता है बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में अहम भूमिका अदा कर सकती है।
इसकी बदौलत अवैध निर्माण से लेकर अवैध वन कटान, अवैध खनन जैसी समस्याओं से निपटा जा सकता है। राज्य सरकार लोगों के लिए प्रभावी, पारदर्शी, उत्तरदायी तथा उत्कृष्ट शासन के लिए इसका अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करेगी।
यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद की ओर से राज्य सचिवालय में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पोटेंशियल एप्लीकेशन इन हिमाचल प्रदेश पर आयोजित सम्मेलन में कही।
सीएम जयराम ने ये कहा
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विज्ञान ने जबरदस्त प्रगति की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया के लिए प्रतिबद्ध हैं जो तकनीकी का अधिकांश उपयोग बनाने की दिशा में एक कदम है।
कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने तथा जंगलों का खाका तैयार करने, अवैध वन कटान पर प्रतिबंध लगाने में भी कारगर हो सकती है। यह विकासात्मक परियोजनाओं की निगरानी में भी मदद कर सकती है।
विपिन बोले, एआई से बेहतर होगा कल
उन्होंने आशा व्यक्त की कि सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोगों से राज्य के लोगों के लिए नए आयाम सामने आएंगे। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
प्रौद्योगिकी मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेहतर ज्ञान और अध्ययन के लिए तकनीकी के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि इससे बेहतर कल के बेहतर परिणामों में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेषकर बैंकिंग, स्वास्थ्य संचार एवं संबद्ध क्षेत्रों में प्रमुख रूप से उ