महेश्वर सिंह ने ली चुटकी, 'कम से कम बिल्ली थैले से बाहर आए तो सही'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में भगवान रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण मामले को लेकर मुख्य छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट में पार्टी बनने वालों का स्वागत है। रघुनाथ अधिग्रहण मुद्दे पर दो अन्य लोग पार्टी बनना चाहते हैं।
देवसदन कुल्लू में पत्रकारों से बातचीत में महेश्वर सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि कम से कम बिल्ली थैले से बाहर आए तो सही... इससे बड़ी क्या बात हो सकती है। सरकार मामले में अपना पक्ष नहीं रख पाई है।
इसलिए समय मांगा है, जिसे हाईकोर्ट ने उचित समझा है। रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण मामले में महेश्वर सिंह की चुनौती के बाद हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। इसके बाद महेश्वर सिंह ने भाजपा में विलय के सवालों का भी जवाब दिया।
भाजपा में विलय के सवाल पर भी बोले महेश्वर
कहा कि हिलोपा के भाजपा में विलय का फैसला प्रदेश कार्यकारिणी कोर कमेटी की सहमति से हुआ था। इसमें 167 सदस्य शामिल थे। 98 फीसदी सदस्यों ने भाजपा में विलय पर हामी भरी थी।
इसके उनके पास हस्ताक्षर भी हैं। हालांकि, कुछ लोग आम आदमी पार्टी में जाने को तैयार थे, लेकिन बाद में भाजपा में जाने पर ही सहमति बनी। अब कुछ लोग यह कह रहे हैं कि हिलोपा का विलय नहीं विभाजन हुआ है।
यह उचित नहीं है। प्रजातंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। कहा कि जिस दल में वह शामिल हो रहे हैं, वह सत्ता में आए। जो शंका लोगों ने जाहिर की है, वह भी दूर हो जाए।