निर्वाचन आयोग तय करे, कब करवाने हैं पंचायत चुनाव: वीरेंद्र
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ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग तय करे कि कब हिमाचल में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव करवाने हैं। पंचायतों का आरक्षण रोस्टर जब तैयार ही नहीं हुआ है तो विपक्ष खासकर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री क्यों हो हल्ला कर रहे हैं। आरक्षण रोस्टर आने के बाद अगर किसी को कोई आपत्ति होगी तो वह संबंधित उपायुक्त या फिर न्यायालय में चुनौती दे सकता है।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री आरोप लगा रहे हैं कि सरकार के दबाव में आकर आयोग आरक्षण रोस्टर लागू कर रहा है, इसमें कितनी सच्चाई है? मंत्री ने इस सवाल पर कहा कि हकीकत सामने लाने से नेता प्रतिपक्ष की दुखती रग पकड़ी गई है। यही कारण है कि उन्होंने अब सरकार पर आरोप लगाने आरंभ कर दिए हैं कि राज्य चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। कांग्रेस नेता यह बताएं कि वर्तमान राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति किस सरकार के सत्ता पर रहते हुए की गई है। मंत्री वीरेद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने को पूरी तरह से तैयार। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने का दायित्व राज्य चुनाव आयोग का है। अब चुनाव आयोग तय करे कि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराए जाने हैं।
पंचायत चुनाव: सोशल मीडिया में प्रचार ने पकड़ी रफ्तार
उधर, पंचायत चुनावों के लिए सोशल मीडिया पर प्रचार ने तेजी पकड़ ली है। लोग फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर सक्रिय हो गए हैं। रोस्टर फाइनल न होने के बावजूद इन प्रत्याशियों ने दमखम दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य में आगामी दिनों में पंचायतों के चुनाव करवाए जाने हैं। प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। सरकार इन्हें तय समय पर करवाने का एलान कर चुकी है। अभी तक आरक्षण रोस्टर को बेशक अंतिम रूप न दिया गया हो, बावजूद इसके लोग जमा-घटाव में जुट गए हैं कि कौन सी पंचायत आरक्षित हो रही है और कौन सी अनारक्षित होगी। इसी हिसाब से चुनाव प्रचार भी तेज कर दिया गया है।
केस स्टडी
करीब चौदह साल तक ऑस्ट्रेलिया में रहने के बाद अपने घर लौटे राजेंद्र सिंह अब जिला परिषद का चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने रोस्टर फाइनल न होने के बावजूद सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू कर दिया है। संधू-मतयाना-क्यार वार्ड से चुनाव लड़ने के लिए सरीवन पंचायत के मझोली गांव के राजेंद्र सिंह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार शुरू दिया है। हालांकि, अभी आरक्षण रोस्टर फाइनल हुआ है, पर उन्हें उम्मीद है कि यह सीट अनारक्षित होगी।