{"_id":"58e38d504f1c1bbf6e5b5a0f","slug":"mid-day-meal-workers-protest-rally-in-himachal-on-may-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार से नाराज हुए मिड डे मील वर्कर्स, 30 को निकालेंगे रोष रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार से नाराज हुए मिड डे मील वर्कर्स, 30 को निकालेंगे रोष रैली
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 05 Apr 2017 09:08 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में न्यूनतम वेतनमान लागू नहीं होने से गुस्साए मिड-डे मील वर्कर्स 30 मई को शिमला में रोष रैली निकालेंगे। मंगलवार को मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन (संबंधित सीटू) की राज्य कमेटी की बैठक सीटू कार्यालय में राज्य अध्यक्ष कांता महंत की अध्यक्षता में हुई।
विज्ञापन
यूनियन ने फैसला लिया है कि यदि सरकार मिड-डे मील वर्कर्स के वेतन में बढ़ोतरी नहीं करती है तो विधानसभा चुनाव में सरकार को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मिड-डे मील वर्कर्स और उनके परिवार चुनाव के दौरान सरकार का विरोध करेंगे।
विज्ञापन
कांता महंत ने बताया कि 30 मई को सीटू के स्थापना दिवस पर शिमला में हजारों मिड-डे मील वर्कर्स मांगों को मनवाने के लिए सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। इसके बाद आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में सरकार पर आरोप लगाया गया कि विधायकों और मंत्रियों का वेतन 45000 से डेढ़ लाख कर दिया है।
विज्ञापन
लेकिन मिड-डे मील वर्कर्स के वेतन में 200 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी करना प्रदेश के 24 हजार मिड-डे मील वर्कर्स के साथ अन्याय है। कांता महंत ने कहा कि इससे सरकार का गरीब विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। सरकार मिड-डे मील की मांगों के प्रति पूरी तरह अड़ियल रवैया अपनाए है। सरकार ने बार-बार मिड-डे मील वर्कर्स के वेतन में बढ़ोतरी के आश्वासन दिए, लेकिन लागू नहीं किए।
यूनियन ने मांग की है कि मिड-डे मील को 6000 रुपये न्यूनतम और 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार देश में पहली सरकार है जो मिड डे मील वर्कर्स को सबसे कम वेतन दे रही है। बैठक में हिमी देवी, कमलेश, हेतराम, दुर्गा, महेंद्र सिंह, रत्न, ध्यान चंद काल्टा सहित कई अन्य मौजूद रहे।