सदन में विधायक बोले, पानी के टैंक में मिले कपड़े और मरे कबूतर
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सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि विभाग पेयजल योजनाओं का नियमित निरीक्षण कर रहा है। उन्होंने यह जानकारी जसवां-परागपुर के विधायक विक्रम सिंह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में दी। विक्रम सिंह ने कहा कि अमरोह पेयजल भंडारण टैंक से मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है। टैंक में मजदूरों के कपड़े पाए गए हैं और मरे कबूतर मिले हैं।
मीडिया ने भी मामला उजागर किया है। संबंधित कनिष्ठ अभियंता के ध्यान में मामला लाने के बावजूद गंभीरता नहीं बरती गई। उन्होंने क्षेत्र में हैंडपंप लगाने की भी बात की। इस पर विद्या स्टोक्स ने कहा कि विभाग से उन्हें जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक विधायक की ओर से उठाए गए मामले की पुष्टि नहीं हो रही है। फिर भी तथ्यों की पड़ताल कर सच्चाई को सामने लाया जाएगा।
आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने दिया ये जवाब
अमरोह के लिए वर्तमान में कस्बा कोटला योजना से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जिस अमरोह टैंक का उल्लेख किया है, वह भंडारण टैंक नहीं है। अमरोह, कोई और गुम्मी गांवों के लिए निर्माणाधीन पेयजल योजना का जल स्रोत कुआं है। इसका प्रशासनिक अनुमोदन और व्यय मंजूरी 25 मार्च, 2011 को 96.32 लाख रुपये की हुई थी।
योजना का 95 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। पेयजल योजना की टेस्टिंग की जानी अपेक्षित थी। निर्माणाधीन रिसाव कुएं की सफाई करवाई गई। इसके अंदर निर्माण के लिए प्रयोग की जाने वाली सामग्री को बाहर निकाला गया था। अमरोह गांव को अभी पुरानी पेयजल योजना कस्बा कोटला से ही पानी की आपूर्ति हो रही है। मटमैले पानी की आपूर्ति का प्रश्न ही नहीं पैदा होता।