फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Meena will buy books for her children by plowing in people's fields in solan himachal

लोगों के खेतों में हल जोतकर बच्चों के लिए किताबें खरीदेगी मीना, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 21 Apr 2021 11:03 AM IST
Krishan Singh योगेश शर्मा, अमर उजाला, अर्की (सोलन)
योगेश शर्मा, अमर उजाला, अर्की (सोलन) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 21 Apr 2021 11:03 AM IST
सार

अर्की की पलोग पंचायत के गांव जयावड़ा में एकल नारी मजदूरी और लोगों के खेतों में हल जोतकर अपने परिवार को पाल रही है। सरकारों की तरफ से मकान बनाने के लिए मीना को 75 हजार की राशि मिली लेकिन इससे आधा-अधूरा मकान ही बन सका।

विज्ञापन
Meena will buy books for her children by plowing in people's fields in solan himachal
अर्की की मीना। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बारिश से किसानों और बागवानों के चेहरों पर खुशी आ गई है। हिमाचल के सोलन जिले की अर्की की मीना भी खुश है। मीना इसलिए खुश है कि उसे अब लोगों के खेतों में हल जोतने का मौका मिल जाएगा और परिवार का गुजारा हो सकेगा। मौसम ने उसे उम्मीद बांध दी है कि आसपास के गांव के लोग उसे हल जोतने के लिए बुलाएंगे। इससे मीना कुछ पैसे कमाकर बच्चों के लिए किताबें खरीदेगी और दो वक्त की रोटी का भी जुगाड़ हो जाएगा। 

विज्ञापन


महिला सशक्तीकरण को लेकर सरकारें बेशक हजार दावे करती हों, लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही देखने को मिलती है। अर्की की पलोग पंचायत के गांव जयावड़ा में एकल नारी मजदूरी और लोगों के खेतों में हल जोतकर अपने परिवार को पाल रही है। सरकारों की तरफ से मकान बनाने के लिए मीना को 75 हजार की राशि मिली लेकिन इससे आधा-अधूरा मकान ही बन सका। गरीबी इतनी थी कि मीना के सामने अब एक ही रास्ता बचा था। उसने लोगों के खेतों में हल चलाना शुरू कर दिया। अब आसपास के गांवों के लोग भी मीना को हल जोतने के लिए बुलाते हैं। मीना का कहना है कि 45 वर्ष की उम्र के बाद भी उसे न तो पेंशन मिली और न ही बच्चों को किसी सरकारी योजना का लाभ मिल सका।
विज्ञापन


किस्मत ने मीना के साथ अजीब खेल खेला है। वर्षों पहले उसके माता-पिता का देहांत हो गया। एक बड़ा भाई था, जिसका भी कोई अता पता नहीं है। बकौल मीना हम तीन बहनें थीं, जिसमें से एक का देहांत हो गया। जिसका नौ साल का बेटा और 12 वर्ष की एक बेटी है। दोनों स्कूल में पढ़ते हैं। मीना खुद भी तलाकशुदा है और उसका बेटा है। मां-बेटा दोनों मिलकर मजदूरी करते हैं और परिवार का पालन पोषण करते हैं। इस बारे में कार्यकारी डीसीपीओ सोलन पद्म शर्मा का कहना है कि उनके ध्यान में यह मामला नहीं था। जल्द ही सहायता समूह को महिला के घर भेजा जाएगा। महिला और बच्चों को सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि जल्दी प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed