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पार्षद संजीव बोले- फैसला थोपा गया, अब जनता देगी इसका जवाब, तैयारी कर लें मंत्री
Thu, 19 Dec 2019 12:42 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 19 Dec 2019 12:42 PM IST
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पार्षद संजीव ठाकुर
- फोटो : सोशल मीडिया
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नगर निगम में भाजपा के सबसे वरिष्ठ पार्षद संजीव ठाकुर को दरकिनार कर सत्या कौंडल को महापौर बनाए जाने से पार्टी का एक धड़ा भड़क गया है। खुद संजीव ठाकुर ने इस फैसले पर सवाल उठा दिए हैं। चुनाव के बाद संजीव ठाकुर ने कहा कि मंत्री ने जबरदस्ती यह फैसला उन पर थोपा। अगले चुनाव में शहर की जनता और कारोबारी इसका जवाब उन्हें जरूर देंगे। कहा कि मंत्री जी अभी से तैयारी कर लें।
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पार्षद ने कहा कि आम जनता की आवाज को दबाया गया है। कहा कि संगठन से लेकर नगर निगम तक में वह सबसे वरिष्ठ पार्षद हैं। सत्या कौंडल को मेयर बनाने का फैसला पार्टी या संगठन का नहीं लगता, यह फैसला सिर्फ एक नेता का है। यह नेता अब खुद को पार्टी से ऊपर समझते हैं। संजीव ठाकुर ने पार्टी के सम्मान के लिए बगावत नहीं की। बाकायदा अपना वोट दिखाकर मतदान किया। यदि एक भी वोट कम होता तो सभी मुझ पर सवाल उठाते।
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इसलिए रेस में पिछड़े संजीव ठाकुर
महापौर बनने की रेस में संजीव सबसे आगे थे। करीब छह माह पहले उन्होंने दावेदारी भी पेश कर दी थी। लेकिन स्थानीय विधायक एवं शिक्षामंत्री से संबंध अच्छे न होने के कारण वह वरिष्ठ होने के बावजूद रेस में पिछड़ गए। विधानसभा चुनाव के दौरान संजीव ने विधायक सुरेश भारद्वाज के खिलाफ ताल ठोंकी थीं। हालांकि, उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा लेकिन मंत्री से हमेशा दूरी रही। संगठन के साथ होने के बावजूद इन्हीं कारणों से उनकी दावेदारी कमजोर पड़ गई।
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