जल संकट : आदेश के बावजूद हाईकोर्ट में पेश नहीं हुए निगम आयुक्त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी शिमला में चल रहे जलसंकट को लेकर हाईकोर्ट में लगातार चौथे दिन भी सुनवाई हुई। वीरवार को हुई सुनवाई के दौरान नगर निगम आयुक्त कोर्ट में पेश नहीं हुए। आयुक्त की अनुपस्थिति पर रोष जताते हुए कोर्ट ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उनका कोर्ट में हाजिर होना जरूरी था।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने आईपीएच और पर्यटन विभाग के सचिवों सहित नगर निगम आयुक्त और निगम अभियंता को शुक्रवार को सुबह साढ़े 9 बजे कोर्ट में उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि पानी का अभी भी सही वितरण नहीं हो रहा है।
मामले पर फिर से सुनवाई निर्धारित की गई
शुक्रवार को भी इस मामले पर फिर से सुनवाई निर्धारित की गई है। उधर, प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला में पानी के असमान वितरण को लेकर चल रहे मामले में निगम से पूछा कि कोर्ट के आदेशों के बावजूद पानी बिल अदा न करने वाले होटलों के कनेक्शन क्यों नहीं काटे।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता विजय अरोड़ा ने सरकार को सुझाव दिया कि जब प्रदेश के हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल रात 12 बजे से 3 बजे तक शहर के विभिन्न भागों का दौरा कर वास्तविक स्थिति जानने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं तो सरकार के मंत्रियों और अफसरों को मामले की गंभीरता को देखते हुए सड़कों पर उतर कर जनता के साथ खड़ा होना चाहिए।