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सरकार पर फूटा शहीद के बेटे का गुस्सा, न पांच लाख दिए और न ही नौकरी

Wed, 28 Jun 2017 01:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 28 Jun 2017 01:08 PM IST
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Martyred Baldev Sharma Son angry with Himachal Goveronment.

मणिपुर में शहीद हुए असम राइफल्स के जवान के परिजनों से सरकार ने वादे तो कई किए थे मगर न राहत राशि दी न ही नौकरी। हिमाचल के शाहतलाई के शहीद बलदेव कुमार शर्मा के बेटे विवेक कुमार शर्मा ने कहा है कि हिमाचल सरकार ने उनके परिवार को राहत देने का अपना वादा पूरा नहीं किया।

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता एवं सैनिक कल्याण मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल उनके घर आए थे। उनसे सरकारी नौकरी देने और पांच लाख रुपये की राहत देने का वादा किया था। सरकार से केवल डेढ़ लाख रुपये की राहत मिली और कोई सरकारी नौकरी नहीं मिली है।
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विवेक ने मंगलवार को प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता की। शहीद की बेटी प्रियंका शर्मा ने भी सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। विवेक ने कहा कि उनके पिता पिछले साल मई में मणिपुर हमले में शहीद हो गए थे।

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सरकार ने घर जाकर किए थे बड़े वादे, निकले झूठे

Martyred Baldev Sharma Son angry with Himachal Goveronment.

उस वक्त राज्य सरकार के तमाम प्रतिनिधियों ने उनके परिवार के लिए बड़े-बड़े वादे किए थे। नौकरी देने और आर्थिक राहत देने की बात करने के अलावा शाहतलाई में स्थानीय स्कूल का नामकरण तक उनके नाम से करने का वायदा किया था।

मगर सारे वादे झूठे साबित हुए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से उन्हें बताया जाता है कि उनके पिता सेना में नहीं, अर्द्धसैनिक बल में थे। उन्हें सेना की तरह के लाभ नहीं दिए जा सकते। उन्होंने कहा कि शहीद तो शहीद ही होता है, उसके परिवारों से ये भेदभाव करना सही नहीं है।

उनके मामले में ही नहीं, बल्कि सोलन से ओमप्रकाश के मामले में भी इसी तरह का भेदभाव किया गया है। शिलोंग में वे करुणामूलक आधार पर असम राइफल्स के लिए हुई भर्ती में मेरिट में आ चुके थे, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली। घर पर उनकी मां हैं, जिनकी स्थिति सामान्य नहीं है। 

सेना की तर्ज पर लाभ देने की बात भूलवश हुई : शांडिल   

Martyred Baldev Sharma Son angry with Himachal Goveronment.
DHANI RAM SHANDIL

उधर, मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा है कि ये बिलकुल सही बात है कि वे शहीद के घर गए थे। भूलवश उन्हें पहले ये ध्यान रहा कि शहीद बलदेव सेना से संबंधित होंगे, इसलिए सेना की तर्ज पर राहत देने की बात की थी। जबकि वे अर्द्धसैनिक बल से थे।

इसीलिए जो उन्होंने बात की थी, उसके अनुरूप लाभ नहीं मिल सका है। नियम इसके आडे़ आ रहे हैं। इसके बावजूद हिमाचल सरकार सेना और पैरा मिलिट्री के शहीदों के परिवारों को बराबर राहत देने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए नियमों में बदलाव के प्रयास कर रही है। शहीद बलदेव कुमार शर्मा के परिवार को राहत सरकार पूरा ध्यान रखेगी। 

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