शहीद सैनिक के गांव का हाल: सड़क बदहाल, नाला पार करने के लिए पुल भी नहीं
राजस्थान में एक हादसे का शिकार हुए हिमाचल के कुल्लू जिले के बंजार घाटी की शिल्ली पंचायत में गरूली गांव के सैनिक लगन चंद का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सैनिक के गांव के हालात ऐसे हैं कि सरकार व प्रशासन को देखकर शर्म आ जाए। ग्राम पंचायत शिल्ली को जोड़ने वाली तुंग से शंरूगर 11 किलोमीटर सड़क कच्ची है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि इस पर वाहन चलाना मुश्किल है।
राजस्थान में सैनिक के साथ हादसे की सूचना लगते ही आनन-फानन में इस सड़क में बुधवार को एक जेसीबी भेजी गई। जिसके बाद गड्ढ़ों को ठीक कर वाहन योग्य बनाया गया। इसके बाद तीन किलोमीटर का पैच इतना खराब था कि इसमें एंबुलेंस को निकलने में आधे घंटे का समय लगा। हिचकोले खाती हुई एंबुलेंस बड़ी मुश्किल से शियाड़ी पहुंची। दो साल पहले निकली सड़क को पक्का करने के लिए सरकार व विभाग कोई प्रयास नहीं कर रहा है। शलाड़ा नाला में अभी तक पुल नहीं बना है।
जब सैनिक की अंतिम शव यात्रा निकली तो शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव से कुछ दूरी पर शलाड़ा नाला में लाया गया। नाले पर पुल भी नहीं था। नाले पर गिरे पेड़ पर से शव को बड़ी मुश्किल से दूसरी ओर पहुंचाया गया। हालांकि रोजाना ग्रामीणों का यहां से आना-जाना रहता है। शलाड़ा नाला में पुल का न बनना सरकार की नाकामी दर्शाता है। इसके साथ ही तुंग में भी पुल नहीं बना है। इसका एक वर्ष पहले इसका शिलान्यास हो चुका है।
ऐसे हालातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कितना विकास हुआ है। एक जवान के लिए सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब लोगों को नाला पार करने के लिए पुल और सफर के लिए चकाचक सड़क मिले। उधर, लोनिवि बंजार के सहायक अभियंता रोशन लाल ठाकुर ने कहा कि सड़क का कार्य लॉकडाउन के चलते बंद है। तुंग में पुल के लिए ढाई करोड़ स्वीकृत हुआ है। इसके टेंडर हो चुके हैं। शलाड़ा नाला पर पुल का निर्माण पंचायत स्तर पर होगा।