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दिल्ली से पकड़े युवक के बाद दो दर्जन पर एसआईटी की निगाह
Fri, 25 Sep 2020 12:27 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 25 Sep 2020 12:27 PM IST
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चार लाख फर्जी डिग्री बेचने वाले मानव भारती विश्वविद्यालय के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने दिल्ली से पकड़े युवक के बाद अब फर्जी डिग्री खरीदने व फर्जी डिग्री बेचने के गोरखधंधे में बिचौलियों की भूमिका निभाने वालों पर निगाहें गड़ा दी हैं। सूत्रों के अनुसार जांच टीम विश्वविद्यालय के मालिक राज कुमार राणा की गिरफ्तारी के बाद उसकी संपत्तियों और डिग्री बेचने के गोरखधंधे में शामिल खिलाड़ियों को दबोचने में जुट गई है।
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जांच टीम यह साबित करना चाहती है कि राणा ने जिनको डिग्री बेची, उनसे फीस के अलावा जो पैसा लिया उसकी ट्रेल कहां है। साथ ही उन लोगों की भी तलाश कर रही है, जो डिग्री खरीदने के लिए ग्राहक लाते थे। असल में जांच टीम अब राणा पर लगे आरोपों को सबूतों के जरिये साबित करने की कोशिश में है, ताकि कोर्ट में इस मामले में वह किसी भी सूरत में बच न सके।
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राणा या विश्वविद्यालय के खाते में फीस के अलावा आई रकम कहां से पहुंची और किसने दी इससे वह खेल को साबित करना चाहती है। इसके अलावा उस काली कमाई से अर्जित संपत्तियों को भी चिह्नित कर ईडी और आयकर विभाग से साझा करेगी, जिससे दोनों एजेंसियां उसकी अन्य राज्यों में व अवैध काली कमाई से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई कर सके।
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